CJP News: जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के वरिष्ठ नेताओं—आशुतोष रांका और सौरभ दास—को भले ही कोर्ट से राहत मिल गई हो, लेकिन उनकी कानूनी उलझनें फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रहीं। बुधवार शाम स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों जेल से बाहर तो आ गए हैं, पर अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। क्राइम ब्रांच ने दोनों नेताओं को औपचारिक समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।
राजौरी गार्डन दफ़्तर में होगी पूछताछ
मामले से जुड़ी पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए क्राइम ब्रांच ने आशुतोष और सौरभ को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित अपने दफ़्तर में पेश होने का निर्देश दिया है। यहाँ अधिकारियों की एक टीम जंतर-मंतर पर घटी घटना से जुड़े तमाम पहलुओं पर उनके विस्तृत बयान दर्ज करेगी।
जमानत के लिए वकील को देना पड़ा हलफनामा
कोर्ट से दोनों नेताओं को इतनी आसानी से राहत नहीं मिली। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनकी रिमांड अवधि को 3 दिन और बढ़ाने की पुरज़ोर मांग की थी। पुलिस का तर्क था कि यदि दोनों बाहर आते हैं, तो इलाके में एक बार फिर शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में लिखित हलफनामा दाखिल करते हुए आश्वासन दिया कि दोनों नेता जंतर-मंतर के डी-नोटिफाइड ज़ोन में दोबारा न तो किसी तरह का प्रदर्शन करेंगे और न ही शांति भंग होने देंगे। वकील की इस मुचलके वाली अंडरटेकिंग के बाद SEM कोर्ट ने 50-50 हजार रुपये के निजी बॉन्ड और सख्त शर्तों के आधार पर रिहाई का आदेश जारी कर दिया।
14 अक्टूबर से तिहाड़ में थे बंद
उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर परिसर में प्रदर्शन और शांति भंग करने की आशंका के चलते आशुतोष और सौरभ को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। फिलहाल जेल की सलाखों से बाहर आने के बावजूद दोनों नेताओं के सिर पर क्राइम ब्रांच की जांच की तलवार लटक रही है। अदालत इस पूरे मामले में अब 23 अक्टूबर को अगली सुनवाई करेगी।






