अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जी5 से फिल्म हटाए जाने के बाद अब केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इसके कंटेंट की जांच के लिए एक हाई लेवल अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है। इस कदम के बाद फिल्म एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
फिल्म 'सतलुज' को बिना किसी बड़े प्रचार के जी5 पर रिलीज किया गया था। लेकिन रिलीज के करीब 48 घंटे बाद ही इसे मंच से हटा लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देश के बाद फिल्म की स्ट्रीमिंग रोकी गई। इसके बाद अब मंत्रालय ने पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है।
कंटेंट की होगी विस्तृत जांच
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को अंतर-विभागीय समिति का गठन किया। यह समिति फिल्म की सामग्री की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 69ए और वर्ष 2021 के संबंधित नियमों के तहत की गई है।
लंबे समय से रिलीज का इंतजार
इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' था, जिसे बाद में बदलकर 'सतलुज' किया गया। फिल्म पिछले करीब 4 साल से थिएटर में रिलीज के लिए प्रमाणन का इंतजार कर रही थी। इसके बाद निर्माताओं ने इसे सीधे जी5 पर रिलीज करने का फैसला लिया था।किस पर आधारित है फिल्म
'सतलुज' की कहानी पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के लापता होने की घटना पर आधारित बताई जाती है। फिल्म के विषय को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। अब जांच समिति की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई और फिल्म की स्ट्रीमिंग को लेकर फैसला लिया जा सकता है।