मंदिरहसौद में सोमवार को आयोजित 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में आज कांग्रेस कमेटी मंदिर हसौद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर एक शिकायती ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग करते हुए सत्ता पक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है।
कांग्रेस कमेटी का सीधा आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी के साथ राजनीतिक विद्वेष के तहत व्यवहार किया गया। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को एकतरफा और तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, ताकि उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल किया जा सके। कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि मौके पर मौजूद वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि विवाद की स्थिति निर्मित होने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया था और अध्यक्ष को मंच से नीचे ले गए थे।
प्रोटोकॉल उल्लंघन का मुद्दा उठाया
निष्पक्ष जांच की मांग
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पप्पू बंजारे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार मंत्री के क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं होना लोकतांत्रिक मूल्यों पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। उन्होंने मांग की कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष ओम प्रकाश यादव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा शासन में सुशासन के बजाय सिर्फ अफसरशाही हावी है। यदि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का ही सम्मान सुरक्षित नहीं है, तो इसे सुशासन नहीं बल्कि कुशासन ही कहा जाएगा।
