छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के श्यामतराई गांव में एक महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। मृतिका के परिजनों द्वारा शव दफनाने की तैयारी की जा रही थी, जिसका कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
ग्रामीणों का कहना है कि मृतिका गीता साहू पिछले कई वर्षों से हिंदू परंपराओं का पालन नहीं कर रही थीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वह गांव की धार्मिक मान्यताओं और देवी-देवताओं को नहीं मानती थीं। इसी आधार पर ग्रामीणों ने शव को गांव की जमीन पर दफनाने का विरोध किया।
बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे ग्रामीण
शव दफनाने की जानकारी मिलने के बाद गांव के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मांग की कि अंतिम संस्कार गांव की परंपरा और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया जाए। विरोध के दौरान ग्रामीणों ने उस स्थान पर बांस लगाकर घेराबंदी भी कर दी, जहां शव दफनाने की तैयारी की जा रही थी। विवाद की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद मृतिका के परिवार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई।गांव में अब स्थिति सामान्य
प्रशासन की समझाइश के बाद विवाद खत्म हो गया और गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने एहतियात के तौर पर मौके पर मौजूद रहकर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी।