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रायपुर
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बकायेदारों पर चला निगम का हंटर, कार्रवाई के डर से मौके पर ही बरसे लाखों रुपये
रायपुर नगर निगम ने टैक्स, यूजर चार्ज और अन्य शुल्क के बकायेदारों के खिलाफ सभी जोनों में सख्त वसूली अभियान शुरू किया है। निगम की कार्रवाई के डर से कई बकायेदारों ने मौके पर ही लाखों रुपये जमा कर दिए। वहीं भुगतान नहीं करने वालों की संपत्तियां सील की गईं और कुछ मामलों में बल्क नल कनेक्शन भी काटे गए।
राजधानी में लंबे समय से टैक्स और अन्य शुल्क दबाकर बैठे बकायेदारों की अब खैर नहीं है। रायपुर नगर निगम इन दिनों पूरे एक्शन मोड में आ गया है। निगम के राजस्व विभाग ने सभी जोनों में वसूली का ऐसा अभियान छेड़ा है कि डिफाल्टरों में हड़कंप मच गया है। हालत यह है कि निगम की टीम जैसे ही ताला और सील लेकर दरवाजे पर पहुंच रही है, लोग आनन-फानन में लाखों रुपये तुरंत जमा कर रहे हैं। निगमायुक्त संबित मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद, उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा और सभी जोन कमिश्नरों के नेतृत्व में यह मेगा रिकवरी अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई का डर कैसा होता है, इसका नजारा इस अभियान के दौरान साफ देखने को मिला।
संपत्तियां सील होने के डर से मौके पर ही पूरा या आधा पैसा जमा कर दिया:
RTGS से तुरंत पेमेंट: जोन-8 के वार्ड-69 में टीम जब कृष्णकांत रामावतार तिवारी की संपत्ति सील करने पहुंची, तो उन्होंने बिना देरी किए RTGS के जरिए 3,55,316 रुपये की पूरी बकाया राशि तुरंत चुका दी।
पानी का कनेक्शन कटा तो निकले पैसे: जोन-9 की टीम ने एक बकायेदार का बल्क नल कनेक्शन ही काट दिया। इस झटके के बाद बकायेदार ने मौके पर ही 3,38,608 रुपये जमा करा दिए।
लाखों की तुरंत वसूली: जोन-5 में कार्रवाई होते ही एक बड़े डिफाल्टर ने 6,14,909 रुपये, जबकि जोन-4 (रामदेव मार्केट) में प्रमोद कुमार राव ने 1,88,180 रुपये तुरंत जमा कर दिए। वहीं जोन-8 में बजरंग लाल और अनिता अग्रवाल ने 1,31,822 रुपये का भुगतान किया।
जिन्होंने मौके पर पैसे नहीं दिए, नगर निगम ने उन्हें कोई मोहलत नहीं दी और सीधे उनकी संपत्तियों पर ताला जड़ दिया।
चौबे कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई: जोन-7 के तहत भिलाई स्टील एंड रिसर्च सेंटर पर 2020-21 से 11,82,544 रुपये बकाया थे। टीम ने बिना किसी रियायत के इस संपत्ति को सील कर दिया।
लाखों दबाए बैठे थे: जोन-4 में पद्मादेवी और अन्य पर 5.28 लाख, और एक अन्य बकायेदार पर 5.04 लाख रुपये का टैक्स अटका था, दोनों की संपत्तियां सील कर दी गईं। इसी जोन में 69,158 रुपये के बकायेदार शांति लाल बरलोटा पर भी कार्रवाई हुई।
जोन 10 और 7 का हाल: विद्याचरण शुक्ल वार्ड में सरिता वाजपेयी (3,20,316 रुपये) और अनिता कुकरेजा (44,196 रुपये), वहीं जोन-7 में संगीता शाह, विशाल और विशेष शाह (1,24,245 रुपये) और सुनील शाह (55,292 रुपये) की संपत्तियों को भी सील कर दिया गया है।
जोन-9 में 6.18 लाख के बड़े बकायेदार अमरपाल सिंह की प्रॉपर्टी भी सील की गई है।
मॉल और उद्योगों पर भी कसी नकेल
नगर निगम की टीम ने केवल सीलिंग ही नहीं की, बल्कि कई कमर्शियल परिसरों का दोबारा मूल्यांकन (Reassessment) भी किया। जोन-8 के वार्ड-20 में स्थित शुभम के-मार्ट परिसर की जांच के बाद उनके यूजर चार्ज में 2.04 लाख रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह वार्ड-70 में अरिहंत उद्योग का पुनर्मूल्यांकन कर 4,03,872 रुपये का यूजर चार्ज बढ़ाया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है। जब तक बकायेदार अपना टैक्स जमा नहीं करते, तब तक सीलिंग, नल कनेक्शन काटने और कुर्की जैसी सख्त कार्रवाई सभी जोनों में लगातार जारी रहेगी।