न्यायालय का निरीक्षण : चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने देखा महासमुंद कोर्ट का कामकाज, दिए त्वरित न्याय के निर्देश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने महासमुंद जिला एवं सत्र न्यायालय का निरीक्षण कर न्यायिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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कीर्तिमान न्यूज
12 Jul 2026, 07:59 AM
महासमुंद
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला एवं सत्र न्यायालय महासमुंद का औपचारिक निरीक्षण किया। उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित न्यायालय कक्ष, मालखाना, रिकार्ड रूम, नजारत, ग्रन्थालय, अधिवक्ता कक्ष और डिजीटाईजेशन केन्द्र का व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।
न्यायालय कक्ष एवं अनुभाग के निरीक्षण के दौरान कार्यो में संतोष जाहिर किया गया। परिसर स्थित साफ-सफाई, गार्डन के रख-रखाव के व्यवस्थाओं पर सराहना की गई। न्यायालयीन अवलोकन के दौरान उन्होंने उपस्थित न्यायाधीशों को लंबित प्रकरणों को त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए एवं प्रोत्साहित किया साथ ही साथ कोई लंबित मामले जैसे 10 वर्षो की अवधि से अधिक हो गई हो अथवा वरिष्टजनों से संबंधित प्रकरणों को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए।
व्यवस्थाओं का किया अवलोकन
मुख्य न्यायधिपति द्वारा आम नागरिको को उपलब्ष्ध करायी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी पारदर्शी एवं सुदृढ बनाने के उददेश्य से विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। मुख्य न्यायाधिपति लगातार राज्य के न्यायिक प्रणाली को सुदृढ करने के लिए प्रयासरत है, उनके द्वारा पूर्व में भी राज्य केे सभी जिला एवं सत्र न्यायालयों का निरीक्षण किया गया था। उन्होंने आगामी 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले विशेष लोक अदालत में धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (चेक बाऊंस) के प्रकरणों की संख्या की जानकारी ली तथा समझौता योग्य मामलों पर पक्षकरों की सहमति से योग्य प्रकरणों का त्वरित गति से निराकरण करने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति सभी की समस्याओं की ली गई जानकारी
मुख्य न्यायाधिपति द्वारा निरीक्षण के दौरान अधिवक्ता संघ की समस्यों की जानकारी ली गई एवं न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के लिए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया गया। इसी प्रकार न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा जिला न्यायालय परिसर स्थित वैकल्पित विवाद समाधान केन्द्र एडीआर भवन का भी निरीक्षण किया गया। भवन में स्थापित मध्यस्थता कक्ष, क्रिमीनल प्रकरणों के पैरवी हेतु स्थापित एलएडीसीएस कक्ष, पैरालिगल वालेटिंयर प्रशिक्षण कक्ष एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय का भी अवलोकन किया गया।
प्रशासनिक अधिकारीगण थे उपस्थित
न्यायाधिपति द्वारा कुटुम्ब न्यायालय महासमुन्द का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महासमुन्द अनिता डहरिया प्रधान, कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी एवं अन्य न्यायाधीशगण, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार व महासमुंद के अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण में उपस्थित थेे।