छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से लगे तरदा गांव में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने खेत में एक मगरमच्छ देखा। खेत में मगरमच्छ दिखाई देने की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। हालांकि ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए दूरी बनाए रखी और सावधानी के साथ उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार, सुबह कुछ किसान रोज की तरह खेतों में काम करने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में मौजूद मगरमच्छ पर पड़ी। अचानक मगरमच्छ दिखाई देने से किसान घबरा गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना गांव के अन्य लोगों को दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
छोटा होने के कारण बच्चा बताया जा रहा मगरमच्छ
ग्रामीणों के मुताबिक, खेत में मिला मगरमच्छ आकार में छोटा है, जिसके चलते इसे मगरमच्छ का बच्चा बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे सुरक्षित पकड़कर रखा और वन विभाग को इसकी जानकारी दी। घटना के बाद पूरे गांव में इसकी चर्चा होने लगी।
भटककर खेत तक पहुंचने की आशंका
ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि मगरमच्छ पास से गुजरने वाली हसदेव नदी से निकलकर खेतों तक पहुंचा होगा। नदी क्षेत्र से गांव की नजदीकी को देखते हुए इलाके में और भी मगरमच्छ होने की संभावना जताई जा रही है।वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी ने बताया कि फिलहाल एक ही मगरमच्छ मिला है, जिसे ग्रामीणों ने पकड़कर रखा था। अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि मगरमच्छ खेत तक कैसे पहुंचा और क्या आसपास के इलाकों में भी ऐसे जीव मौजूद हैं। हसदेव नदी से लगे क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।