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मादीपुर और ज्वालापुरी अस्पताल का निर्माण कार्य
मादीपुर और ज्वालापुरी अस्पताल का निर्माण कार्य
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Delhi Hospital: दो अस्पतालों के लिए 426 करोड़ मंजूर

Delhi Hospital: दिल्ली सरकार ने मादीपुर और ज्वालापुरी में पांच साल से अधूरे पड़े दो अस्पतालों का निर्माण पूरा करने के लिए 426.53 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। दोनों अस्पतालों के शुरू होने से कुल 1,382 नए बेड उपलब्ध होंगे।

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प्रकाशित: 24 Aug 2026, 03:22 PM · अपडेट: 03 Oct 2026, 02:49 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Delhi Hospital: मादीपुर अस्पताल और ज्वालापुरी अस्पताल का लगभग 65 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। दोनों अस्पतालों के निर्माण को वर्ष 2019 में मंजूरी दी गई थी और शुरुआती योजना के अनुसार इन्हें 691-691 बेड की क्षमता के साथ तैयार किया जाना था। निर्माण शुरू होने के बाद वर्ष 2022 में अस्पतालों के डिजाइन में बदलाव किया गया। इसके साथ ही दोनों भवनों में दो अतिरिक्त मंजिल बनाने का फैसला लिया गया, जिसके कारण परियोजना की लागत बढ़ गई। संशोधित डिजाइन और अतिरिक्त निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध नहीं होने से काम की गति धीमी पड़ गई और दोनों परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकीं।

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अस्पताल की लागत 466.50 करोड़ पहुंची

मादीपुर में बन रहे सरकारी अस्पताल की शुरुआती लागत करीब 320 करोड़ रुपए निर्धारित की गई थी। परियोजना पर स्वीकृत बजट का आधे से अधिक हिस्सा खर्च हो चुका है और अस्पताल का लगभग 65 प्रतिशत भौतिक निर्माण पूरा किया जा चुका है। हालांकि, डिजाइन में बदलाव, अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण और निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इसकी अनुमानित लागत बढ़कर 466.50 करोड़ रुपए हो गई है। अस्पताल का शेष निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अब 203 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आवश्यकता है। सरकार द्वारा बजट मंजूर किए जाने से भवन, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे से संबंधित अधूरे कार्य पूरे किए जा सकेंगे।

अस्पताल के लिए मिलेंगे 223.53 करोड़ रुपये

ज्वालापुरी अस्पताल के निर्माण की प्रारंभिक लागत 319.65 करोड़ रुपए आंकी गई थी, लेकिन परियोजना में हुए बदलावों और बढ़ते निर्माण खर्च के कारण इसकी कुल अनुमानित लागत अब 484.04 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। अस्पताल के निर्माण पर अब तक 260.51 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और लगभग 65 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। शेष निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 223.53 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि की जरूरत थी। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद यह राशि उपलब्ध होने का रास्ता साफ हो गया है। बजट मिलने से लंबे समय से रुके निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कर अस्पताल को जल्द तैयार किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती 

दोनों अस्पतालों के बनकर तैयार होने से पश्चिमी दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होने की संभावना है। क्षेत्र की बढ़ती आबादी को देखते हुए लंबे समय से नए सरकारी अस्पतालों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। मादीपुर और ज्वालापुरी अस्पताल शुरू होने के बाद मरीजों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों के अस्पतालों में लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। कुल 1,382 नए बेड मिलने से आपातकालीन चिकित्सा, भर्ती, जांच और सामान्य उपचार की सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही आसपास के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ और लंबी प्रतीक्षा अवधि कम करने में भी मदद मिलेगी।
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