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Gangrel Dam gates opened. (Image Source: CGDPR)
Gangrel Dam gates opened. (Image Source: CGDPR)
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Dhamtari Flood: गंगरेल समेत धमतरी के जलाशयों में बढ़ा पानी, बाढ़ के खतरे को लेकर हाई अलर्ट

Dhamtari Flood: बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे को देखते हुए धमतरी जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

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प्रकाशित: 03 Sep 2026, 01:58 PM · अपडेट: 12 Oct 2026, 09:52 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Dhamtari Flood: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है, वहीं क्षेत्र के सभी प्रमुख जलाशय अब पूरी तरह लबालब हो चुके हैं। कैचमेंट एरिया से हो रही पानी की भारी आवक को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) के तीन गेट खोल दिए गए हैं, जिनसे कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से 3,360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी में बह रहा है, जबकि 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के रास्ते मुख्य नहर में प्रवाहित किया जा रहा है। 
मौसम विभाग द्वारा आगे भी बारिश की संभावना जताए जाने से महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने तटीय और निचले इलाकों में स्थित गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

धमतरी में बाढ़ का खतरा, गंगरेल के 3 गेट खुले

वर्तमान में जिले के जलाशयों की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। मुरूमसिल्ली जलाशय अपनी क्षमता का 98.61 प्रतिशत भर चुका है और उसमें 362 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। वहीं गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत भरकर 3,365 क्यूसेक आवक दर्ज कर रहा है। इसके अलावा दुधावा जलाशय 86.86 प्रतिशत (437 क्यूसेक आवक) और सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत (167 क्यूसेक आवक) तक भर चुके हैं। जलाशयों में लगातार बढ़ते पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए ही महानदी में जलप्रवाह बढ़ाया गया है।

धमतरी में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट

बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर धमतरी ने अधिकारियों और मैदानी अमले को 24 घंटे सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले इलाकों के पास न जाएं तथा उफनती नदी को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। तटीय गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को समय रहते सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर बनाए गए राहत केंद्रों में पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल अधिकृत प्रशासनिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया गया है।
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