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देवास डिजिटल अरेस्ट ठगी का खुलासा
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Digital Arrest Scam: रिटायर्ड कर्मचारी से 63 लाख की ठगी, 54.84 लाख नकद बरामद

Digital Arrest Scam: देवास में डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर रिटायर्ड फैक्ट्री कर्मचारी सुरेश इंग्ले से करीब 63 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 54.84 लाख रुपए नकद बरामद किए। मामले को सुलझाने के लिए 70 पुलिसकर्मियों की 19 टीमों ने 127 दिनों तक जांच की और 17 राज्यों के 33 जिलों में दबिश दी।

स
प्रकाशित: 24 Aug 2026, 11:45 AM · अपडेट: 02 Oct 2026, 04:20 AM
मध्य प्रदेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

Digital Arrest Scam: देवास में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक रिटायर्ड फैक्ट्री कर्मचारी से करीब 63 लाख रुपए की ठगी की गई। आरोप है कि साइबर ठगों ने सुरेश इंग्ले को फोन और वीडियो कॉल के जरिए अपने जाल में फंसाया और खुद को पुलिस या जांच एजेंसियों से जुड़ा बताकर उन्हें गंभीर कार्रवाई का डर दिखाया। लगातार दबाव और धमकी के कारण पीड़ित ठगों की बातों में आ गए और अलग-अलग माध्यमों से लाखों रुपए उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। ठगी का अहसास होने के बाद मामले की शिकायत देवास सिटी कोतवाली पुलिस से की गई, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू की। लंबी जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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 54.84 लाख रुपए नकद बरामद

इस मामले में देवास पुलिस को बड़ी सफलता ठगी की रकम की बरामदगी में भी मिली है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 54 लाख 84 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। करीब 63 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में इतनी बड़ी नकद राशि की बरामदगी को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की शेष रकम कहां गई और इस पूरे नेटवर्क में इनके अलावा कितने अन्य लोग शामिल हैं। 

70 पुलिसकर्मियों की 19 टीमें जुटीं

साइबर ठगी के इस बड़े मामले को सुलझाना देवास पुलिस के लिए आसान नहीं था। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 127 दिनों तक लगातार जांच और कार्रवाई की। इस अभियान में करीब 70 पुलिसकर्मियों को शामिल करते हुए 19 अलग-अलग टीमें बनाई गईं। टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश की। जांच के दौरान पुलिस को अलग-अलग राज्यों तक जाना पड़ा और संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटानी पड़ी। लंबी पड़ताल के बाद पुलिस एक-एक कर आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

17 राज्यों में दबिश

आरोपियों की तलाश में देवास पुलिस की टीमों ने करीब 58 हजार 315 किलोमीटर की दूरी तय की। पुलिस ने देश के 17 राज्यों के 33 जिलों में जाकर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में पुलिस टीमों ने आरोपियों से जुड़े ठिकानों और सुरागों की जांच की। साइबर अपराधियों के अलग-अलग राज्यों में फैले नेटवर्क के कारण पुलिस को लगातार लोकेशन और तकनीकी जानकारी के आधार पर कार्रवाई करनी पड़ी। 

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