छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने आज बिलासपुर स्थित डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (CVRU) एवं आईसेक्ट (AISECT) इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय 'समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026' के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस भव्य कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने में आधुनिक तकनीक और ग्रामीण उद्यमिता के समन्वय को रेखांकित करना है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आज वैश्विक परिदृश्य अत्यंत तीव्र गति से बदल रहा है और इसके साथ ही तकनीक में भी क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं।
युवाओं से नवाचार का आह्वान
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) पर बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि AI आधुनिक युग की सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण खोज है। यह चिकित्सा, कृषि, उन्नत अर्थव्यवस्था और शिक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में मानव की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा सकती है। तकनीक को जीवन में एक सहायक और उत्प्रेरक के रूप में अपनाया जाना चाहिए, न कि किसी खतरे या डर के रूप में। याद रखें, एआई चाहे जितनी उन्नत हो जाए, वह मानव बुद्धि, संवेदनशीलता, मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों का स्थान कभी नहीं ले सकती।
डिजिटल एडिक्शन पर चिंता
दिव्यांगों की सेवा और नए रोजगार
डेका ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य का उदाहरण देते हुए कहा कि मानव सभ्यता का विकास हमेशा से नए आविष्कारों पर टिका रहा है। जिस तरह प्राचीन काल में अग्नि की खोज ने मानव जीवन की दिशा बदल दी, ठीक उसी तरह आज आधुनिक विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी भविष्य के सशक्त भारत के निर्माण की नींव रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण विकास में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। स्टार्टअप्स सिर्फ आर्थिक मुनाफे के साधन नहीं हैं, बल्कि ये समाज की जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढने के प्रभावी माध्यम हैं।
