Doctor Amma Film: नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल में हाल ही में एक भावुक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जब 'डॉक्टर अम्मा' नाम की डॉक्यूमेंट्री फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। यह वृत्तचित्र डॉ. सी. राजेश्वरी के उस असाधारण जीवन को पर्दे पर उतारता है, जहाँ चिकित्सा केवल एक करियर या पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का एक पवित्र जरिया बन गई।
वैश्विक अनुभव के बाद भी चुना नि:स्वार्थ सेवा का मार्ग
डॉ. सी. राजेश्वरी (श्री सत्य साई स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवा आंदोलन के संवाहक श्री सी. श्रीनिवास की माताजी) चिकित्सा जगत का एक बड़ा नाम थीं। MD, DGO, FICS, MRCOG और न्यूट्रिशन में डिप्लोमा जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक डिग्रियाँ हासिल करने वाली डॉ. राजेश्वरी ने भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और घाना में भी अपनी सेवाएँ दीं। आंध्र प्रदेश में बतौर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर उन्होंने 25 से अधिक वर्षों तक सरकारी सेवा देते हुए नए डॉक्टरों की एक पूरी पीढ़ी को तैयार किया। हालाँकि, उनके जीवन का असली मोड़ 1972 में आया, जब भगवान श्री सत्य साई बाबा के आह्वान पर वे व्हाइटफील्ड (बेंगलुरु) स्थित अस्पताल से जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन जरूरतमंदों की नि:शुल्क सेवा में समर्पित कर दिया। डॉ. राजेश्वरी का स्पष्ट मानना था कि पीड़ित की मदद करना ही वास्तविक पूजा है और वे अक्सर कहा करती थीं - दूसरों की सेवा करना ही मेरे लिए सबसे बड़ा विश्राम है।
अंतिम साँस तक सेवा और बाबा का स्मरण
भगवान श्री सत्य साई बाबा ने 10 जून 2001 को अपने एक प्रवचन में डॉ. राजेश्वरी के समर्पण का विशेष रूप से उल्लेख किया था। उन्होंने बताया था कि कैसे डॉक्टर अम्मा ने अपनी पूरी ज़िंदगी की कमाई अस्पताल को दान कर दी और बिना थके समाज के अंतिम व्यक्ति के इलाज में जुटी रहीं। 8 सितंबर 1990 को अस्पताल में मरीजों का इलाज करते हुए ही उन्होंने इस दुनिया से विदा ली।

