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 इबोला वायरस : छत्तीसगढ़ में  स्वास्थ्य अलर्ट, एयरपोर्ट पर यात्रियों की होगी जांच

छत्तीसगढ़ में इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। रायपुर एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले यात्रियों की विशेष स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर नोडल अधिकारी तैनात करने, संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्टिंग और संक्रमण रोकथाम के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने के आदेश दिए हैं।

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प्रकाशित: 25 May 2026, 06:14 PM · अपडेट: 04 Oct 2026, 03:17 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
कोरोना महामारी की भयावह यादों के बीच अब इबोला वायरस को लेकर छत्तीसगढ़ में सतर्कता बढ़ा दी गई है। दुनिया के कई देशों में इबोला संक्रमण के मामलों और बढ़ती चिंताओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। संक्रमण की रोकथाम और संभावित खतरे से निपटने के लिए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ ने सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। 
स्वास्थ्य विभाग ने खासतौर पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। विदेशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच को और सख्त किया जाएगा ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की समय रहते पहचान हो सके।

एयरपोर्ट पर तैनात नोडल अधिकारी

एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) की ओर से जारी निर्देश में रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को एयरपोर्ट पर विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा गया है। यह अधिकारी एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच, स्क्रीनिंग, संदिग्ध यात्रियों की पहचान और निगरानी व्यवस्था का समन्वय करेगा। निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी यात्री में संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग और संबंधित निगरानी इकाइयों तक पहुंचाई जाए।

विदेश यात्रियों पर विशेष नजर

स्वास्थ्य विभाग ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर उन देशों से आने वाले यात्रियों पर ध्यान दिया जाएगा जहां इबोला संक्रमण के मामले सामने आए हैं।अधिकारियों को एयरपोर्ट पर हेल्थ स्क्रीनिंग, थर्मल मॉनिटरिंग और आवश्यक मेडिकल जांच की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है। साथ ही अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इबोला वायरस क्या है

इबोला वायरस दुनिया के सबसे खतरनाक वायरल संक्रमणों में गिना जाता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक संपर्क, खून, शरीर के तरल पदार्थ या संक्रमित वस्तुओं के संपर्क में आने से फैल सकता है। इस बीमारी में तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त, शरीर में दर्द और गंभीर मामलों में आंतरिक रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की  चिंता

विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही इबोला वायरस को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जता चुका है। वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी और संक्रमण नियंत्रण उपायों पर जोर दे रही हैं।  कोरोना महामारी के बाद अब किसी भी संक्रामक बीमारी को लेकर शुरुआती सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है। यही वजह है कि राज्यों को पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने, संक्रमण से बचाव के उपाय बताने और निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आइसोलेशन व्यवस्था, मेडिकल टीम की तैयारी और संदिग्ध मामलों की त्वरित रिपोर्टिंग पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।

कोरोना जैसी स्थिति से बचने की तैयारी

कोरोना महामारी ने यह सिखाया है कि किसी भी संक्रमण को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करना बेहद जरूरी होता है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार अब इबोला वायरस को लेकर पहले से तैयारी कर रही है। रायपुर एयरपोर्ट पर बढ़ाई जा रही निगरानी को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके।

इबोला वायरस के लक्षण 

इबोला वायरस दुनिया की सबसे खतरनाक वायरल बीमारियों में गिनी जाती है। यह एक गंभीर और कई मामलों में जानलेवा संक्रमण है, जो तेजी से शरीर को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इबोला वायरस का संक्रमण होने के बाद इसके लक्षण आमतौर पर 2 से 21 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं। शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय के साथ यह बीमारी बेहद गंभीर रूप ले सकती है।

शुरुआती लक्षण 

इबोला वायरस की शुरुआत आमतौर पर तेज बुखार और कमजोरी से होती है। संक्रमित व्यक्ति को अचानक बहुत ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। इसके साथ शरीर टूटने जैसा दर्द, सिरदर्द और मांसपेशियों में तेज पीड़ा हो सकती है।
  • तेज बुखार
  • अत्यधिक कमजोरी और थकान
  • सिरदर्द
  • शरीर और मांसपेशियों में दर्द
  • गले में खराश
  • आंखों में लालिमा
 कई बार शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू या वायरल संक्रमण जैसे लगते हैं, जिससे शुरुआत में बीमारी पहचानना मुश्किल हो सकता है।

पाचन तंत्र पर भी असर

संक्रमण बढ़ने के साथ मरीज को उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं। शरीर तेजी से कमजोर होने लगता है और मरीज को डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
इस दौरान दिख सकते हैं ये लक्षण:
  • लगातार उल्टी
  • दस्त
  • पेट दर्द
  • भूख कम लगना
  • तेजी से कमजोरी बढ़ना
कई मामलों में मरीज खाना-पीना भी बंद कर देता है, जिससे शरीर की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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