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दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा गिरोह गिरफ्तार
दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा गिरोह गिरफ्तार
दुर्ग

एक्शन : 81 एटीएम कार्ड, 62 पासबुक और ऑनलाइन सट्टा रैकेट का खुलासा

दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध वित्तीय लेन-देन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 81 एटीएम कार्ड, 62 बैंक पासबुक, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 23 Jun 2026, 08:30 AM · अपडेट: 30 Jun 2026, 11:23 AM
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध वित्तीय लेन-देन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एक ऑनलाइन बेटिंग एप के जरिए सट्टा कारोबार संचालित कर रहे थे और इसके लिए फर्जी तरीके से बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। मामला खुर्सीपार थाना क्षेत्र का है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। जब्त सामग्री में 81 एटीएम कार्ड, 62 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 13 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और एक हार्ड डिस्क शामिल है। बरामद सामान की कुल कीमत लगभग ढाई लाख रुपये आंकी गई है।

गरीब लोगों के खातों का किया जा रहा था इस्तेमाल

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। खाते खुलने के बाद उनसे जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में रख लेते थे। इन्हीं खातों का उपयोग ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने और वास्तविक नेटवर्क को छिपाने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी खुले मैदान में बैठकर मोबाइल और लैपटॉप के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। 21 जून को पुलिस को सूचना मिली थी कि आईटीआई खेल मैदान के पास कुछ युवक ऑनलाइन जुआ-सट्टा गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना के आधार पर खुर्सीपार पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद तीनों युवक भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से बैंकिंग दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए।

मोबाइल और लैपटॉप में मिला पूरा रिकॉर्ड

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से ऑनलाइन लेन-देन तथा सट्टा गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भिलाई निवासी अजय मिश्रा (23), बिहार के नालंदा निवासी दीपक कुमार (32) और खुर्सीपार निवासी करण कुमार सिंह (26) के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन सट्टा संचालन में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया है कि आईपीएल सीजन के दौरान इस नेटवर्क का संचालन झारखंड के रांची से भी किया जा रहा था।

म्यूल अकाउंट के जरिए छिपाया जाता था लेन-देन

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में "म्यूल अकाउंट" तकनीक का इस्तेमाल किया जाता था। इसमें ऐसे लोगों के नाम पर बैंक खाते खोले जाते हैं जिनका अवैध लेन-देन से कोई सीधा संबंध नहीं होता। बाद में उन्हीं खातों के माध्यम से सट्टे की रकम अलग-अलग स्थानों पर भेजी जाती है। लेन-देन को ट्रैक करना मुश्किल बनाने के लिए कई बैंक खाते, मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता था। फिलहाल पुलिस जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों और मोबाइल डेटा की तकनीकी जांच कर रही है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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