मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए रायपुर नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने और नालों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को निगम जोन-9 की टीम ने महात्मा गांधी वार्ड क्रमांक-8 में डेकाथलॉन के पास मुख्य मार्ग पर नाले के ऊपर बने अवैध पाटे को जेसीबी की मदद से हटा दिया।
नाले पर बने इस अवैध निर्माण के कारण सफाई कार्य में परेशानी आ रही थी। बारिश के समय पानी की निकासी बाधित होने से आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना थी। कार्रवाई के बाद निगम टीम ने नाले की सफाई कर पानी के बहाव का रास्ता साफ किया। इस कार्रवाई के दौरान जोन कमिश्नर राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता शरद ध्रुव, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बारोन बंजारे, उमेश नामदेव और स्वच्छता निरीक्षक भोला तिवारी सहित निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पंडरी में भी हटाया गया था अवैध पाटा
नगर निगम इससे पहले भी जल निकासी व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कई इलाकों में कार्रवाई कर चुका है। दो दिन पहले पंडरी के दुर्गानगर क्षेत्र में भी नाले पर बने अवैध पाटे को जेसीबी से तोड़ा गया था। निगम के अनुसार, पंडरी कपड़ा बाजार स्थित प्रकाश होलसेल मार्केट के सामने नाले के ऊपर करीब 100 वर्गफीट क्षेत्र में अवैध निर्माण किया गया था। इसके कारण नाले की सफाई प्रभावित हो रही थी और बारिश के दौरान दुर्गानगर बस्ती में पानी भरने की समस्या बढ़ रही थी। इसके अलावा वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक-16 के ब्रम्हदेईपारा में नाले के पास किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया।अवैध प्लाटिंग पर भी निगम की नजर
यहां बनी अवैध झोपड़ी को तोड़कर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर किया गया। नगर निगम ने जलभराव रोकने के साथ-साथ अवैध प्लाटिंग के खिलाफ भी अभियान शुरू किया है। हाल ही में जोन-1 की टीम ने संत कबीर दास वार्ड क्रमांक-3 के सुखराम नगर में करीब तीन एकड़ क्षेत्र में चल रही अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान जेसीबी से अवैध मुरम सड़क को हटाया गया, बनाई गई नींव को तोड़ा गया और प्लाटिंग स्थल तक जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया।
निगम ने भूमि के वास्तविक मालिक की जानकारी के लिए तहसीलदार को पत्र भी भेजा है। जानकारी मिलने के बाद संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या रोकने, नालों से अवैध कब्जे हटाने और अवैध निर्माण व प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।