Friday, 12 Jun 2026 भारत
ब्रेकिंग
हादसा : पथरिया खदान में 13 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, हाथ में मिली कोल्ड ड्रिंक बोतल वारदात : रंगदारी विवाद में 5 युवकों का अपहरण, बीहड़ में बेरहमी से पिटाई सियासी उलटफेर : फूलपाड़ गांव में 450 से अधिक ग्रामीण बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल कार्रवाई : बच्चों और पालकों से दुर्व्यवहार मामले में शिक्षिका निलंबित हादसा : पथरिया खदान में 13 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, हाथ में मिली कोल्ड ड्रिंक बोतल वारदात : रंगदारी विवाद में 5 युवकों का अपहरण, बीहड़ में बेरहमी से पिटाई सियासी उलटफेर : फूलपाड़ गांव में 450 से अधिक ग्रामीण बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल कार्रवाई : बच्चों और पालकों से दुर्व्यवहार मामले में शिक्षिका निलंबित
W 𝕏 f
होम सेहत फैटी लिवर : शरीर में पोषक तत्वों की कमी और कई स्व…
फैटी लिवर से बढ़ सकती है पोषक तत्वों की कमी
फैटी लिवर से बढ़ सकती है पोषक तत्वों की कमी
सेहत

फैटी लिवर : शरीर में पोषक तत्वों की कमी और कई स्वास्थ्य समस्याओं की बन सकती है वजह

मोटापा और बदलती जीवनशैली के कारण फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह समस्या केवल लीवर को ही नहीं, बल्कि शरीर में विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों के संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

कीर्तिमान नेटवर्क
12 Jun 2026, 06:06 PM
रायपुर
बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में लगातार आ रही कमी का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं के साथ-साथ फैटी लिवर भी तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हो गया है। पहले इसे केवल लीवर से जुड़ी समस्या था, किन्तु अब फैटी लिवर का असर शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों पर पड़ता है फैटी लिवर तब होता है जब लीवर की कोशिकाओं में जरूरत से अधिक वसा जमा होने लगती है शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते, इसलिए अधिकांश लोगों को लंबे समय तक इसकी जानकारी भी नहीं होती। लेकिन समय के साथ यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है और शरीर में पोषक तत्वों के संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है।

फैटी लिवर

फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लीवर में सामान्य से अधिक वसा जमा हो जाती है, यह समस्या दो प्रकार की होती है पहली, शराब के अधिक सेवन से होने वाला फैटी लिवर और दूसरी, बिना शराब सेवन के होने वाला नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज वर्तमान समय में दूसरा प्रकार अधिक तेजी से बढ़ रहा है, जिसका मुख्य कारण मोटापा, जंक फूड, शारीरिक निष्क्रियता और बढ़ता तनाव है।

लीवर शरीर के लिए महत्वपूर्ण

लीवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो सैकड़ों जैविक कार्यों को नियंत्रित करता है यह भोजन को ऊर्जा में बदलने, विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पाचन में सहायता करने और कई आवश्यक पोषक तत्वों को संग्रहित करने का काम करता है।जब लीवर में अत्यधिक वसा जमा हो जाती है, तो इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है।

पोषक तत्वों की कमी 

लीवर भोजन से प्राप्त पोषक तत्वों के प्रसंस्करण, भंडारण और शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जब लीवर में अत्यधिक वसा जमा हो जाती है और उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है, तो शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों का पूरा उपयोग नहीं कर पाता ऐसी स्थिति में विटामिन डी, विटामिन बी12, आयरन, फोलेट, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे महत्वपूर्ण तत्वों की कमी हो जाती  है इन पोषक तत्वों की कमी के कारण व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

मोटापा और फैटी लिवर का संबंध

फैटी लिवर के अधिकांश मामलों में मोटापा एक प्रमुख कारण है पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाती है, जिससे लीवर में वसा जमा होने लगती है आज शहरी क्षेत्रों में लंबे समय तक बैठकर काम करना, फास्ट फूड का अधिक सेवन, मीठे पेय पदार्थों का उपयोग और व्यायाम की कमी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं।

शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते

फैटी लिवर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके शुरुआती चरण में आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते कई लोगों को इसका पता तब चलता है जब वे किसी अन्य बीमारी की जांच या नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाते हैं कुछ मामलों में लगातार थकान महसूस होना, पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन या असहजता, कमजोरी, भूख में कमी, वजन बढ़ना और एकाग्रता में कमी जैसे संकेत दिखाई देते हैं। चूंकि ये लक्षण सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे लगते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

कैसे करें बचाव

फैटी लिवर के अधिकांश मामलों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर नियंत्रित किया जा सकता है इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम करना, शरीर का वजन नियंत्रित रखना और संतुलित आहार लेना आवश्यक है। तले-भुने खाद्य पदार्थों, अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों और जंक फूड के सेवन को कम करना, भोजन में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना भी जरूरी है। सही खानपान और सक्रिय जीवनशैली न केवल फैटी लिवर के खतरे को कम करती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करती है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
आयोजन
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें