Flipkart Minutes: देश के क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) यानी फटाफट डिलीवरी वाले बाजार में मुकाबला अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी फ्लिपकार्ट की 10 से 15 मिनट में डिलीवरी देने वाली सेवा 'फ्लिपकार्ट मिनट्स' ने बाजार में अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है। पिछले दो सालों के भीतर इस सर्विस के कारोबार में करीब चार गुना (4X) का शानदार उछाल देखा गया है। मौजूदा समय में यह सेवा देश के 150 से भी ज्यादा शहरों में अपना नेटवर्क फैला चुकी है।
फ्लिपकार्ट का विस्तार विरोधियों के लिए चुनौती
ब्लिंकिट (Blinkit), ज़ेप्टो (Zepto) और स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी वाले इस सेगमेंट में फ्लिपकार्ट का यह आक्रामक विस्तार विरोधियों के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है। तेजी से बढ़ते इस कारोबार को न केवल आगे बनाए रखना है, बल्कि इसे घाटे से निकालकर मुनाफे की पटरी पर भी लाना है। इसी सोच के साथ फ्लिपकार्ट मिनट्स ने अपनी आगे की रणनीति तैयार की है।
हर महीने 100 नए डार्क स्टोर खोलने की तैयारी
नेटवर्क का विस्तार: कंपनी की योजना हर महीने करीब 100 नए फुलफिलमेंट सेंटर (डार्क स्टोर्स) शुरू करने की है।
मजबूत सप्लाई चेन: इन नए केंद्रों के खुलने से लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की क्षमता में बड़ा सुधार होगा, जिससे ऑर्डर मिलते ही सामान और भी कम समय में ग्राहकों के दरवाजे तक पहुंच सकेगा।
मुनाफे पर फोकस: डार्क स्टोर्स का यह घना नेटवर्क डिलीवरी लागत को कम करने और कंपनी को तेजी से प्रॉफिटेबल (लाभदायक) बनाने में मदद करेगा।
नया प्रयोग: बेंगलुरु में ‘Eat In’ फूड डिलीवरी की टेस्टिंग
इंडस्ट्री व्यू: फ्लिपकार्ट का यह दोहरा दांव—एक तरफ क्विक डिलीवरी का आक्रामक विस्तार और दूसरी तरफ फूड डिलीवरी में एंट्री—यह साफ संकेत देता है कि कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं की हर त्वरित जरूरत को अपने एक ही प्लेटफॉर्म से पूरा करने के इरादे में है।

