दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के गीदम थाना क्षेत्र में कृषि लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले बैंक के फील्ड ऑफिसर को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी को गीदम पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से पकड़ने में सफलता हासिल की। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बैंकिंग व्यवस्था और ग्रामीण ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी ने 10 जुलाई 2025 को थाना गीदम पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने 16 फरवरी 2024 को एक्सिस बैंक शाखा गीदम से 14 लाख 39 हजार 762 रुपए का कृषि लोन लिया था। इसी दौरान बैंक के फील्ड ऑफिसर प्रवीण कुमार शर्मा ने खाता खुलवाने, एटीएम कार्ड जारी कराने और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया में पूरी मदद करने का भरोसा दिलाया।
ग्रामीण ग्राहक ने बैंक कर्मचारी पर विश्वास कर अपने खाते और ट्रांजेक्शन से जुड़ी जिम्मेदारी उसी पर छोड़ दी। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने फरवरी से मार्च 2024 के बीच अलग-अलग माध्यमों से खाते से करीब 9 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए।
रकम गायब होने पर खुला पूरा खेल
पीड़ित को जब खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली तो उसने आरोपी से संपर्क किया। शुरुआत में आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा और रकम वापस करने का आश्वासन देता रहा, लेकिन बाद में वह अचानक फरार हो गया। काफी समय तक तलाश करने और कोई समाधान नहीं मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना गीदम में अपराध क्रमांक 65/2025 के तहत धारा 420, 409 भारतीय दंड संहिता तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।साइबर ट्रैकिंग से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन और एसडीओपी गोविंद दीवान के निर्देशन में गीदम पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की। पुलिस टीम ने मोबाइल सीडीआर, साइबर लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार बदलते ठिकानों के बीच पुलिस को मुखबिर से अहम सूचना मिली, जिसके बाद 26 मई 2026 की सुबह करीब 9:20 बजे आरोपी प्रवीण कुमार शर्मा पिता ओम प्रकाश शर्मा उम्र 29 वर्ष निवासी माता संतोषी वार्ड 27 जगदलपुर जिला बस्तर को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामकुमार श्याम, डीएसएफ आरक्षक नीलधर तर्मा, चुन्नीलाल चालकी और एमटी आरक्षक विक्टर तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
