गाजा पट्टी में शनिवार को हुए इजरायली हवाई हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जिनमें कतरी समाचार चैनल अल जजीरा के कैमरामैन अहमद विशाह भी शामिल हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने हमले में दो बच्चों समेत कई लोगों के मारे जाने की पुष्टि होग। इस घटना के बाद एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा और युद्ध क्षेत्र में मीडिया कर्मियों को निशाना बनाए जाने को लेकर बहस तेज हो गई है।अल जजीरा ने अपने कैमरामैन अहमद विशाह की मौत की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। चैनल का कहना है कि यह पत्रकारों को निशाना बनाकर सच्चाई की आवाज दबाने की कोशिश का हिस्सा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, विशाह की मौत मध्य गाजा के बुरेइज शरणार्थी शिविर में एक घर पर हुए हमले में हुई। इस हमले में उनके साथ दो अन्य लोगों की भी जान चली गई। बताया जा रहा है कि इससे पहले उनके भाई की भी एक इजरायली हमले में मौत हो चुकी थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय
वहीं, इजरायली रक्षा बल (IDF) ने अहमद विशाह की मौत की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि वह हमास की सैन्य शाखा से जुड़ा हुआ था और स्नाइपर के रूप में गतिविधियों में शामिल था। हालांकि, इजरायली सेना ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद पिछले कई महीनों में इजरायली हमलों में एक हजार से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुका है। शनिवार तड़के गाजा सिटी की एक इमारत पर हुए हमले के बाद घटनास्थल पर भारी तबाही का मंजर देखने को मिला रहा है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रहा।
स्वतंत्र जांच की मांग
अल जजीरा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने और युद्ध क्षेत्रों में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। दूसरी ओर, इजरायल लगातार यह दावा कर रहा है कि उसकी कार्रवाई हमास के ठिकानों और उससे जुड़े लोगों को निशाना बनाकर की जा रही है। इस घटना ने गाजा में जारी संघर्ष और मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को और बढ़ा दिया है।