Germany vs Spain: जर्मनी ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार जीता हॉकी वर्ल्ड कप
Germany vs Spain: जर्मनी ने रोमांचक फाइनल में स्पेन को 1-0 से हराकर लगातार दूसरी बार मेंस हॉकी वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। तीसरे क्वार्टर में मिशेल स्ट्रूथॉफ के गोल ने मुकाबले का फैसला किया। यह जर्मनी का कुल चौथा वर्ल्ड कप खिताब है।
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कीर्तिमान डेस्क | यशोदा साहू
31 Aug 2026, 10:59 AM
खेल डेस्क
Germany vs Spain: बेलफियस एरेना में खेले गए रोमांचक फाइनल में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार मेंस हॉकी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ जर्मनी ने चौथी बार विश्व कप खिताब जीतने की उपलब्धि भी हासिल कर ली और सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली टीमों की सूची में अपनी जगह और मजबूत कर ली। फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों ने पूरे मुकाबले में बेहद मजबूत रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया। हालांकि, निर्णायक मौकों पर जर्मनी ने ज्यादा धैर्य दिखाया और तीसरे क्वार्टर में मिले मौके को गोल में बदलकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।
तीसरे क्वार्टर में आया मैच का एकमात्र गोल
मैच का फैसला तीसरे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में हुआ। स्पेन की डिफेंस में हुई एक छोटी सी चूक का जर्मनी ने पूरा फायदा उठाया। हानेस मुलर ने सर्कल के टॉप पर मिली ढीली गेंद पर कब्जा जमाया और बायलाइन की तरफ मौजूद मिशेल स्ट्रूथॉफ को शानदार रिवर्स पास दिया। पॉल-फिलिप कॉफमैन के सहयोग से बने इस मौके को स्ट्रूथॉफ ने गोल में तब्दील कर दिया। उन्होंने स्पेन के गोलकीपर लुईस काल्जादो को छकाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। यही गोल अंत तक मुकाबले का निर्णायक अंतर बना रहा।
जर्मनी की हॉकी टीम वर्ल्ड कप चैंपियनशुरुआत से ही दोनों टीमों में दिखी कड़ी टक्कर
फाइनल की शुरुआत काफी तेज रही। मैच के शुरुआती 90 सेकंड में ही जर्मनी को पेनल्टी कॉर्नर मिल गया था। हालांकि, बेनेडिक्ट श्वार्जहॉप्ट के ड्रैगफ्लिक को स्पेन के गोलकीपर काल्जादो ने शानदार बचाव करते हुए रोक दिया। इसके बाद स्पेन की डिफेंस ने भी जर्मन खिलाड़ियों को आसानी से गोल के करीब नहीं पहुंचने दिया। जोर्डी बोनास्ट्रे की अगुआई में स्पेनिश रक्षापंक्ति ने लगातार दबाव बनाए रखा और जर्मनी के कई प्रयासों को नाकाम किया। तीसरे क्वार्टर में स्पेन को बराबरी का गोल करने के कई मौके मिले। टीम को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल हुए, लेकिन जर्मनी की डिफेंस ने हर बार खतरे को टाल दिया। थियो हिंरिच्स के बेहतरीन फर्स्ट रश और स्पेनिश खिलाड़ियों की कुछ गलतियों के चलते स्कोर बराबर नहीं हो सका।
आखिरी मिनटों में स्पेन ने बढ़ाया दबाव
मैच के अंतिम चार मिनट बेहद तनावपूर्ण रहे। बराबरी की तलाश में स्पेन ने बड़ा जोखिम उठाया और गोलकीपर लुईस काल्जादो को मैदान से बाहर बुलाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतार दिया। इस बदलाव के बाद स्पेन ने जर्मन डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन जर्मनी के खिलाड़ियों ने आखिरी सीटी तक अपनी बढ़त कायम रखी। मजबूत रक्षापंक्ति के सामने स्पेन को बराबरी का गोल नहीं मिल सका और जर्मनी ने 1-0 से फाइनल अपने नाम कर लिया। स्पेन के लिए यह हार एक बार फिर निराशाजनक रही। टीम का पहला हॉकी वर्ल्ड कप खिताब जीतने का इंतजार जारी है। इससे पहले भी 1971 और 1998 के फाइनल में स्पेन को हार का सामना करना पड़ा था।