India U-20 Football Team: सोमवार को एफसी अंडर-20 एशियन कप क्वालीफायर में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। ताशकंद के दोस्तलिक स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में भारतीय टीम के सामने सीरिया की चुनौती होगी। भारत को ग्रुप-बी में मेजबान उज्बेकिस्तान और बांग्लादेश के साथ रखा गया है। ‘ब्लू कोल्ट्स’ इस बार लंबे अंतराल को खत्म कर अंडर-20 एशियन कप के मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाने की कोशिश करेंगे। भारत ने 2006 के बाद से इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई नहीं किया है। टीम के नाम 1974 में ईरान के साथ संयुक्त रूप से खिताब जीतने की उपलब्धि भी दर्ज है, लेकिन पिछले दो दशकों में एशियाई स्तर पर उसकी राह आसान नहीं रही।
सीरिया के खिलाफ रिकॉर्ड भारत के पक्ष में नहीं
अंडर-20 स्तर पर भारत और सीरिया के बीच प्रतिस्पर्धी फुटबॉल में अब तक सिर्फ दो मुकाबले हुए हैं। दोनों मैच एफसी यूथ चैंपियनशिप के अंडर-19 वर्ग में खेले गए थे। 1996 में भारत को 1-0 से हार मिली थी, जबकि 2004 में सीरिया ने 2-1 से मुकाबला अपने नाम किया था। नीदरलैंड के अर्नो बुइटेनवेग के मार्गदर्शन में खेल रही सीरिया की टीम के पास इस स्तर पर अच्छा अनुभव है। सीरिया ने 1994 में एफसी अंडर-19 चैंपियनशिप का खिताब जीता था। टीम हाल के वर्षों में भी लगातार एशियाई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रही है और पिछले दो एफसी अंडर-20 एशियन कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी है।
ग्रुप-बी में हर मुकाबला अहम
भारत के लिए ग्रुप-बी की चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि यहां एक छोटी सी चूक भी अभियान पर असर डाल सकती है। क्वालीफिकेशन प्रक्रिया में आठों ग्रुप के विजेताओं के साथ सात सर्वश्रेष्ठ रनर-अप टीमें एशियन कप के लिए जगह बनाएंगी। ऐसे में सीरिया के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में बेहतर परिणाम हासिल करना भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। 2025 के क्वालीफायर में भारतीय टीम एशियन कप में पहुंचने के काफी करीब थी। हालांकि, गोल अंतर के कारण ‘ब्लू कोल्ट्स’ सर्वश्रेष्ठ रनर-अप टीमों में जगह नहीं बना सके। पिछली टीम के उस बैच से मौजूदा स्क्वॉड में 2007 में जन्मे डिफेंडर मालेमंगम्बा सिंह थोकचोम ही शामिल हैं।
जून से चल रही थी टीम की तैयारी
इस क्वालीफाइंग अभियान के लिए भारतीय टीम को तैयारी का पर्याप्त समय मिला। जून में ट्रायल शुरू होने के बाद लगातार प्रशिक्षण कैंप आयोजित किए गए। इस दौरान कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने के साथ टीम की रणनीति और संयोजन पर भी काम किया। अगस्त में भारत ने अपनी तैयारियों को परखने के लिए चार अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले खेले। इनमें दो मैच सिंगापुर और दो यमन के खिलाफ थे। भारतीय टीम ने सिंगापुर को दोनों मैचों में हराया। पहले मुकाबले में 3-0 और दूसरे में 1-0 से जीत मिली। यमन के खिलाफ पहला मैच गोलरहित ड्रॉ रहा, जबकि दूसरे मुकाबले में भारत ने 1-0 से जीत दर्ज की।ताशकंद पहुंचकर परिस्थितियों के अनुसार ढली टीम
भारतीय टीम 27 अगस्त को ताशकंद पहुंची थी। इससे खिलाड़ियों को स्थानीय परिस्थितियों और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालने के लिए पर्याप्त समय मिला। टीम ने 28 और 29 अगस्त को दो प्रशिक्षण सत्र पूरे किए हैं। सीरिया के खिलाफ मुकाबले से पहले भारतीय टीम रविवार शाम अपना अंतिम प्रशिक्षण सत्र करेगी। इसके बाद सोमवार को ‘ब्लू कोल्ट्स’ मैदान पर उतरेंगे। लंबे समय बाद अंडर-20 एशियन कप में वापसी की उम्मीदों के बीच भारत के लिए क्वालीफायर की शुरुआत काफी अहम मानी जा रही है।

