पिछले करीब 40 दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 11,700 रुपये से अधिक सस्ता हुआ है, जबकि चांदी के दाम में करीब 42,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी आई है। यह गिरावट सरकार के आयात कम करने के प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की नरमी के बीच देखने को मिली है। 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से गैर-जरूरी खर्चों को टालने की अपील की थी। उन्होंने विशेष रूप से कुछ समय तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा जैसे खर्चों में संयम बरतने की बात कही थी। सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना बताया गया था।
इतना घटा सोने और चांदी का भाव
10 मई को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,140 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई थी। वहीं 29 जून तक इसका भाव घटकर 1,41,421 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी करीब 11,719 रुपये की कमी दर्ज की गई। इसी तरह चांदी की कीमत 2,62,350 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2,16,541 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। यानी करीब 42,370 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
आयात शुल्क बढ़ाने का भी पड़ा असर
प्रधानमंत्री की अपील के बाद सरकार ने सोना और चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सोने के आयात को नियंत्रित करना और विदेशी मुद्रा की बचत करना है।
आयात 10 से 15 प्रतिशत तक घटा
विशेषज्ञों का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ने से सोने की मांग में कमी आ सकती है। इससे आने वाले समय में आयात 10 से 15 प्रतिशत तक घट सकता है। हालांकि उनका कहना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव केवल सरकारी फैसलों से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल और वैश्विक मांग जैसे कई कारणों से भी प्रभावित होता है। निवेश करने से पहले बाजार की मौजूदा स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है।