जनपद पंचायत बागबाहरा के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष तरुण व्यवहार ने प्रदेश के शासकीय विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह “हर घर तिरंगा” अभियान चलाकर देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाया गया, उसी तर्ज पर सरकार को अब “हर स्कूल सेल्फी अभियान” चलाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव के शासकीय स्कूल की वास्तविक तस्वीर सामने आए। स्कूल में बच्चों के बैठने की व्यवस्था कैसी है, भवन की स्थिति क्या है, पेयजल और शौचालय की सुविधा है या नहीं, बिजली-पंखे की व्यवस्था कैसी है, साफ-सफाई, खेल मैदान, शिक्षण सामग्री और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं—इन सभी की तस्वीरें सामने आनी चाहिए।
सुविधाएं देने में कमी क्यों
तरुण व्यवहार ने कहा कि जिस संस्था को सरकार स्वयं चलाती है, वही संस्था आज कई जगह दीन-हीन सुविधाओं के लिए तरस रही है, जबकि निजी संस्थाओं द्वारा संचालित कई प्राइवेट स्कूलों की सुविधाएं देखने लायक हैं। सवाल यह है कि जब सरकार स्वयं शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी उठा रही है, तो उसके विद्यालयों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने में कमी क्यों रह जाती है? उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में परिवर्तन केवल पोस्टर लगाने, स्लोगन लिखने और योजनाओं के प्रचार से नहीं आएगा। परिवर्तन तब आएगा जब सरकार शिक्षा व्यवस्था को अपनी प्राथमिकता बनाएगी और स्कूलों की वास्तविक कमियों को स्वीकार कर उन्हें दूर करेगी।
समान अवसर और गुणवत्ता से सार्थक होगी पहल
तरुण व्यवहार ने कहा कि शिक्षा में वास्तविक समानता की कल्पना तभी सार्थक होगी, जब समाज के हर वर्ग के बच्चे को समान अवसर और समान गुणवत्ता की शिक्षा मिले। जब किसी मंत्री का बेटा, आईएएस-आईपीएस अधिकारी का बेटा और एक मजदूर-किसान का बेटा एक ही छत के नीचे, एक ही सरकारी स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेगा, तब हमें शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक समानता की दिशा में आगे बढ़ने का एहसास होगा।गुणवत्ता से बढ़ेगा समाज का विश्वास
उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि सरकारी स्कूलों को केवल गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों की मजबूरी न समझा जाए, बल्कि उन्हें गुणवत्ता, अनुशासन, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शिक्षा के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। जब सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बेहतर होगी, तब समाज के हर वर्ग का विश्वास भी इन स्कूलों में बढ़ेगा।
सुविधाओं की कमी पर हो कार्य
मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से अपील करते हुए तरुण व्यवहार ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक शासकीय विद्यालय का ग्रामवार सर्वे कराया जाए और स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं की सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार की जाए। जहां पेयजल, शौचालय, भवन, फर्नीचर, बिजली, पंखे, खेल मैदान या अन्य सुविधाओं की कमी है, वहां समयबद्ध तरीके से सुधार कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और शिक्षा में समानता के लिए जनहित की पहल होगी। “हर घर तिरंगा” में देश की तस्वीर दिखाई देती है, अब “हर स्कूल सेल्फी” में प्रदेश के भविष्य की तस्वीर दिखाई देनी चाहिए।