रोजगार की तलाश में अपने घर-गांव से दूर कर्नाटक गए छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र के पंडरी गांव निवासी मजदूर धर्मेश सिंह की बेंगलुरु के पास एक पत्थर खदान में हुए भीषण हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह रोज़ की तरह खदान में काम कर रहे थे, तभी अचानक भारी मात्रा में पत्थर धंसकने लगा और वह उसकी चपेट में आ गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
काम के दौरान अचानक धंसी चट्टान, एक के बाद एक बढ़ता गया हादसा
स्थानीय जानकारी के अनुसार, खदान में काम के दौरान अचानक ऊपर से बड़ी चट्टानें और मलबा गिरने लगा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ लोग इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में अब तक कुल सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक मजदूर छत्तीसगढ़ का भी शामिल है। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे लोगों की तलाश में जुटा रहा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में छाया मातम
धर्मेश सिंह की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पंडरी पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में कोहराम मच गया और परिजन बेसुध हो गए। ग्रामीण लगातार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन इस अचानक हुई त्रासदी ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।प्रशासन से मुआवजे और सख्त जांच की मांग
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस हादसे की गहराई से जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई गई है। लोगों का कहना है कि खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।