मनेन्द्रगढ़ वन मंडल अंतर्गत कठौतिया स्थित लघु वनोपज गोदाम परिसर में रविवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि परिसर में रखे तेंदूपत्ता से भरे सैकड़ों बोरे इसकी चपेट में आ गए और देखते ही देखते जलकर राख हो गए। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और आसमान में उठता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुरुआत में आग गोदाम परिसर के एक हिस्से में दिखाई दी, लेकिन कुछ ही देर में उसने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज गर्मी और सूखे तेंदूपत्तों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और गोदाम के अंदर तक पहुंच गई। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाम साबित हुए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और लगातार पानी की बौछार के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं किया जाता तो पूरा गोदाम और आसपास का क्षेत्र इसकी चपेट में आ सकता था। आगजनी की इस घटना में बड़ी मात्रा में संग्रहित तेंदूपत्ता नष्ट हो गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं। गोदाम में रखे अन्य सामान और दस्तावेजों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना बताई जा रही है।ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट बना वजह
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि प्रारंभिक जांच में ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अचानक स्पार्किंग के बाद आग भड़की और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। विभागीय अधिकारी तकनीकी टीम के साथ मामले की जांच कर रहे हैं।
भीषण आगजनी के बावजूद राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। समय रहते कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया।
