देशभर में बदलती लाइफस्टाइल, भीषण गर्मी और खानपान की गलत आदतों के बीच अब युवाओं में किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी की समस्या तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। डॉक्टरों के अनुसार पहले यह बीमारी मुख्य रूप से बुजुर्गों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब 20 से 40 साल की उम्र के युवा बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं। अत्यधिक गर्मी, शरीर में पानी की कमी, अनियमित खानपान और आधुनिक जीवनशैली इसके पीछे बड़ी वजह बनकर उभर रही है। गर्मियों के मौसम में किडनी स्टोन के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जाती है। दिल्ली सहित कई बड़े शहरों के अस्पतालों और क्लीनिकों में आने वाले मरीजों में युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है, जिससे पानी की कमी होने लगती है। यदि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता, तो शरीर में मिनरल्स और नमक जमा होने लगते हैं, जो आगे चलकर पथरी का रूप ले सकते हैं।
युवाओं की लाइफस्टाइल बड़ी वजह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग अपनी सेहत और खानपान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। लंबे समय तक ऑफिस में बैठकर काम करना, जंक फूड का ज्यादा सेवन, कम पानी पीना और अत्यधिक नमक व प्रोटीन वाला भोजन किडनी स्टोन के खतरे को बढ़ा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार कम पानी पीना, ज्यादा नमक वाला भोजन, सॉफ्ट ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक का अत्यधिक सेवन, अत्यधिक प्रोटीन सप्लीमेंट्स, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड तथा गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहना किडनी स्टोन के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिम जाने वाले कई युवा बिना चिकित्सकीय सलाह के हाई-प्रोटीन डाइट और सप्लीमेंट्स लेने लगते हैं, जिससे शरीर में कुछ मिनरल्स का स्तर बढ़ सकता है और पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
अत्यधिक गर्मी और डिहाइड्रेशन का असर
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में डिहाइड्रेशन किडनी स्टोन का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो यूरिन अधिक गाढ़ा हो जाता है। इससे कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे तत्व किडनी में जमा होने लगते हैं और धीरे-धीरे पथरी का निर्माण होने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी के महीनों में किडनी स्टोन के मामलों में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जाती है।
किडनी स्टोन के शुरुआती लक्षण
किडनी स्टोन की समस्या शुरुआती दौर में कई बार सामान्य लग सकती है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर दर्द और संक्रमण का कारण बन सकती है। इसके प्रमुख लक्षणों में पेट या कमर में तेज दर्द, पेशाब में जलन, बार-बार यूरिन आना, पेशाब में खून आना, मिचली या उल्टी, यूरिन इंफेक्शन और पेशाब रुक-रुक कर आना शामिल हैं। यदि इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है।
बढती उम्र के साथ समस्या
पहले किडनी स्टोन को उम्र बढ़ने से जुड़ी समस्या माना जाता था, लेकिन अब किशोरों और कॉलेज जाने वाले युवाओं में भी यह तेजी से देखने को मिल रही है। कम पानी पीना, कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड ड्रिंक का अधिक सेवन, देर रात तक जागना और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी युवाओं में इस समस्या को बढ़ा रहे हैं।आजकल लोग घर के पारंपरिक संतुलित भोजन की बजाय अत्यधिक प्रोसेस्ड और बाहर का खाना ज्यादा खाने लगे हैं। ज्यादा नमक, अत्यधिक मसालेदार भोजन और कम फाइबर वाली डाइट किडनी स्टोन के खतरे को बढ़ा सकती है। कुछ मामलों में अत्यधिक ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थों का असंतुलित सेवन भी पथरी बनने की वजह बन सकता है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली इसका बड़ा कारण बनती है।
किडनी स्टोन से बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किडनी स्टोन से बचाव के लिए सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना। डॉक्टर सलाह देते हैं कि दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, गर्मी में ओआरएस और नारियल पानी लें, ज्यादा नमक और जंक फूड से बचें, सॉफ्ट ड्रिंक्स कम पिएं, संतुलित भोजन करें, नियमित व्यायाम करें और बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स न लें। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में हल्के रंग का यूरिन इस बात का संकेत माना जाता है कि शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्त है।
समय पर जांच और इलाज
डॉक्टरों के अनुसार यदि बार-बार पेट दर्द, पेशाब में जलन या यूरिन इंफेक्शन की समस्या हो रही हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचों के जरिए शुरुआती स्तर पर ही पथरी की पहचान की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज से कई मामलों में बिना सर्जरी के भी पथरी का इलाज संभव हो सकता है।
बदलती जीवनशैली बन रही स्वास्थ्य चुनौती
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की युवा आबादी तेजी से बदलती जीवनशैली का असर झेल रही है। गर्मी, तनाव, अनियमित खानपान और कम शारीरिक गतिविधि जैसी आदतें अब गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन रही हैं। ऐसे में डॉक्टर युवाओं से अपील कर रहे हैं कि वे अपनी दिनचर्या, खानपान और पानी पीने की आदतों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि छोटी लापरवाही भविष्य में बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है।
