ऑनर किलिंग : दरोगा ने भांजी के प्रेमी को तलवार से काटा, फिर खुद को मारी गोली
बिहार के दरभंगा जिले के ओझौल गांव में प्रेम विवाह से नाराज पटना में तैनात दरोगा मोहम्मद मोबिन ने सुनील सहनी की तलवार से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दरोगा ने खुद को भी गोली मार ली, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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विशेष संवाददाता
26 Jun 2026, 01:27 PM
दरभंगा
बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव में शुक्रवार की सुबह एक युवक की तलवार से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान सुनील सहनी के रूप में हुई है। हत्या का आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि बिहार पुलिस के एक दरोगा मोहम्मद मोबिन पर लगा है, जो इस समय पटना में तैनात बताया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सुनील की जान लेने के बाद आरोपी दरोगा ने खुद को भी गोली मार ली। उसे गंभीर हालत में दरभंगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ताजिया देखने के बहाने बुलाया, फिर तलवार से किए ताबड़तोड़ वार
गांव के लोगों के मुताबिक, करीब तीन साल पहले सुनील ने गांव की ही एक युवती सानिया से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से सुनील अपनी पत्नी के साथ अहमदाबाद में रहता था। दो दिन पहले ही वह गांव लौटा था, जिसके बाद उसकी पत्नी अपने मायके चली गई थी। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे लड़की के चाचा यानी आरोपी दरोगा मोहम्मद मोबिन ने भांजी के प्रेमी की कर दी हत्या सुनील को फोन किया। उसने सुनील को ताजिया की तैयारी देखने के बहाने मंदिर के पास बुलाया। सुनील जैसे ही वहां पहुंचा, मोबिन ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले उसे पीटा और फिर तलवार से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे सुनील की मौके पर ही मौत हो गई।
कभी जिगरी दोस्त थे दोनों, शादी के बाद से बढ़ी थी रंजिश
बताया जा रहा है कि आरोपी दरोगा और मृतक सुनील कभी बहुत गहरे दोस्त हुआ करते थे। लेकिन इस प्रेम विवाह के बाद से मोबिन बेहद नाराज चल रहा था और इसी रंजिश के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद इलाके में तनाव फैल गया है, जिसे देखते हुए ओझौल गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने खुद मौके पर जाकर जांच की। फॉरेंसिक टीम (वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने वाली टीम) को भी जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।