Tuesday, 22 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Abhanpur News: महानदी पुल पर पिकअप की टक्कर से बाइक सवार की मौत, एक गंभीर रूप से घायल Gariaband Crime News: चरित्र शंका में पति ने पत्नी को बेल्ट से पीटा, इलाज के दौरान मौत, आरोपी गिरफ्तार LPG Cylinder Theft Case: गैस सिलेंडर चोरी मामले में कार्रवाई, 3.50 लाख के सामान के साथ 8 आरोपी गिरफ्तार CG Crime News: बालोद में युवक ने हसिए से खुद को किया घायल, गांव में घूमते देख ग्रामीणों में फैली दहशत Rajnandgaon District Hospital: प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत, जिला अस्पताल पर उठे सवाल Delhi-Mumbai Expressway: पत्थरबाजी से मचा हड़कंप, कई वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई Abhanpur News: महानदी पुल पर पिकअप की टक्कर से बाइक सवार की मौत, एक गंभीर रूप से घायल Gariaband Crime News: चरित्र शंका में पति ने पत्नी को बेल्ट से पीटा, इलाज के दौरान मौत, आरोपी गिरफ्तार LPG Cylinder Theft Case: गैस सिलेंडर चोरी मामले में कार्रवाई, 3.50 लाख के सामान के साथ 8 आरोपी गिरफ्तार CG Crime News: बालोद में युवक ने हसिए से खुद को किया घायल, गांव में घूमते देख ग्रामीणों में फैली दहशत Rajnandgaon District Hospital: प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत, जिला अस्पताल पर उठे सवाल Delhi-Mumbai Expressway: पत्थरबाजी से मचा हड़कंप, कई वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
W 𝕏 f
होम देश IMD :  प्री-मानसून बारिश से बढ़ी उम्मीदें, लेकिन …
मानसून अपडेट
मानसून अपडेट
देश

 IMD :  प्री-मानसून बारिश से बढ़ी उम्मीदें, लेकिन अभी बाकी है मॉनसून की दस्तक

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 26 मई को केरल नहीं पहुंचेगा और इसके लिए अभी लगभग 5 से 6 दिन का समय लग सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मॉनसून इस बार अपने सामान्य समय यानी 1 जून के आसपास ही केरल में दस्तक देगा। हालांकि केरल और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है, लेकिन इसे फिलहाल प्री-मानसून गतिविधि माना जा रहा है। IMD ने बताया कि अगले कुछ दिनों में मॉनसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है, जबकि देशभर में लोग भीषण गर्मी से राहत के लिए मानसून का इंतजार कर रहे हैं।

प्रकाशित: 26 May 2026, 03:02 PM · अपडेट: 27 May 2026, 04:54 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
देशभर में भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों की नजरें अब दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पर टिकी हुई हैं। पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पहले 26 मई के आसपास ही केरल पहुंच सकता है। मौसम विशेषज्ञों और निजी मौसम एजेंसियों के शुरुआती अनुमानों के बाद लोगों को उम्मीद थी कि इस बार मानसून जल्दी राहत लेकर आएगा। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट ने इन अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मॉनसून अभी केरल नहीं पहुंचा है और इसके लिए लगभग 5 से 6 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में अब यह लगभग साफ माना जा रहा है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपने तय सामान्य समय यानी 1 जून के आसपास ही केरल में दस्तक देगा। हालांकि केरल और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है, लेकिन मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बारिश अभी मॉनसून की आधिकारिक शुरुआत के मानकों को पूरी तरह पूरा नहीं करती।

समय से पहले मॉनसून 

मई के दूसरे और तीसरे सप्ताह में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज नमी, सक्रिय हवाओं और लगातार बन रहे बादलों के कारण मौसम विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि मॉनसून इस बार सामान्य समय से पहले आगे बढ़ सकता है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां काफी तेज हो गई थीं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश दर्ज की गई थी। यदि समुद्री परिस्थितियां और हवाओं का पैटर्न इसी तरह बना रहता, तो मॉनसून समय से पहले केरल पहुंच सकता था। लेकिन पिछले कुछ दिनों में मॉनसून की प्रगति की गति धीमी पड़ गई, जिसके बाद मौसम विभाग ने अपने अनुमान में बदलाव किया।

भारतीय मौसम विभाग

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को जारी मॉनसून बुलेटिन में बताया कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान मॉनसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कामोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर के शेष हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। IMD के अनुसार इन क्षेत्रों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, लेकिन अभी केरल में मॉनसून की आधिकारिक घोषणा के लिए जरूरी सभी मानक पूरे नहीं हुए हैं। इसी वजह से मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि मॉनसून अगले दो-तीन दिनों में केरल नहीं पहुंचेगा।

 मॉनसून का आगमन

बहुत से लोगों को लगता है कि बारिश शुरू होते ही मॉनसून आ गया, लेकिन वास्तव में भारतीय मौसम विभाग मॉनसून की घोषणा कुछ विशेष वैज्ञानिक मानकों के आधार पर करता है। इन मानकों में शामिल हैं
  • लगातार और व्यापक बारिश
  • हवाओं की दिशा और गति
  • बादलों की सक्रियता
  • समुद्री परिस्थितियां
  • ओएलआर जैसे मौसमीय संकेतक
जब ये सभी स्थितियां एक साथ अनुकूल होती हैं, तभी IMD आधिकारिक रूप से मॉनसून के आगमन की घोषणा करता है।

केरल में बारिश 

पिछले कुछ दिनों से केरल के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की जा रही है। कई इलाकों में जलभराव और तेज हवाओं की स्थिति भी बनी हुई है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह फिलहाल “प्री-मानसून” गतिविधियों का हिस्सा है। प्री-मानसून बारिश और मॉनसून की आधिकारिक शुरुआत में अंतर होता है। मॉनसून की घोषणा के लिए केवल बारिश पर्याप्त नहीं होती, बल्कि मौसम की व्यापक और स्थायी परिस्थितियों का विश्लेषण भी जरूरी होता है।

किसानों और कृषि 

मॉनसून की तारीख को लेकर जारी अनिश्चितता का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। भारत की खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है। देश के कई राज्यों में किसान खरीफ फसलों की बुआई मॉनसून की प्रगति को देखते हुए शुरू करते हैं। यदि मॉनसून में ज्यादा देरी होती है तो धान, मक्का, सोयाबीन और कपास जैसी फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और 1 जून के आसपास केरल में मॉनसून का पहुंचना सामान्य माना जाएगा।

सामान्य से बेहतर मानसून

भारतीय मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि इस वर्ष देश में सामान्य से बेहतर बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रशांत महासागर में एल-नीनो का प्रभाव कमजोर पड़ने और समुद्री तापमान में बदलाव के कारण इस बार अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। यदि मॉनसून सामान्य रूप से आगे बढ़ता है तो जून के पहले और दूसरे सप्ताह तक यह दक्षिण भारत के कई हिस्सों में सक्रिय हो सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे महाराष्ट्र, मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा।

भीषण गर्मी के बीच राहत 

देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और उमस बनी हुई है। दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है। कई शहरों में गर्म हवाएं और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। ऐसे में लोग बेसब्री से मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही मॉनसून केरल में प्रवेश करेगा, उसके बाद धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम बदलना शुरू हो जाएगा और गर्मी से राहत मिलने लगेगी।

अगले कुछ दिन 

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिन मॉनसून की प्रगति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होंगे। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमीय गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो जून के पहले सप्ताह में मॉनसून केरल में आधिकारिक तौर पर प्रवेश कर सकता है। इसके बाद देशभर में बारिश का सिलसिला धीरे-धीरे तेज होने की संभावना है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें