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मलेरिया जागरूकता अभियान
मलेरिया जागरूकता अभियान
जगदलपुर (बस्तर)

बढ़ा खतरा : बस्तर में 5 महीने में मिले 617 मरीज 82% मरीजों में मिला गंभीर मलेरिया संक्रमण  

बस्तर जिले में बारिश के साथ मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। जनवरी से मई 2026 तक जिले में 617 मलेरिया मरीज मिले हैं, जिनमें 506 मामले गंभीर पीएफ मलेरिया के हैं। लोहण्डीगुड़ा, बड़ेकिलेपाल और दरभा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण रोकने के लिए सर्वे और जांच अभियान तेज कर दिया है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 16 Jul 2026, 03:36 PM · अपडेट: 13 Sep 2026, 11:48 PM
जगदलपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
 बारिश का मौसम शुरू होते ही बस्तर जिले में मलेरिया का खतरा एक बार फिर बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जागरूकता अभियान और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन जनवरी से मई 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि जिले में मलेरिया संक्रमण अभी पूरी तरह काबू में नहीं आया है। सबसे ज्यादा चिंता पीएफ मलेरिया के बढ़ते मामलों को लेकर है, जो बीमारी का घातक रूप माना जाता है। 
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 तक बस्तर जिले में कुल 617 मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें 111 मरीज पीवी (Plasmodium Vivax) और 506 मरीज पीएफ (Plasmodium Falciparum) मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं।  

लोहण्डीगुड़ा, बड़ेकिलेपाल और दरभा ज्यादा प्रभावित

मलेरिया संक्रमण का सबसे अधिक असर जिले के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में देखने को मिला है। लोहण्डीगुड़ा में 156, बड़ेकिलेपाल में 155 और दरभा क्षेत्र में 105 मरीज सामने आए हैं। ये तीनों ब्लॉक लगातार मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहे हैं और यहां स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ाई गई है। 
 ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग का अभियान

छह महीने 651 मरीज, बढ़ सकती है संख्या

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले पूरे साल 2025 में बस्तर जिले में करीब 2,888 मलेरिया मरीज मिले थे। वहीं वर्ष 2026 में शुरुआती छह महीनों में ही लगभग 651 मरीज सामने आ चुके हैं। मानसून का मुख्य दौर अभी बाकी है, ऐसे में आने वाले महीनों में संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।

एक मरीज मिलने पर 50 घरों की होती है जांच

संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे अभियान तेज कर दिया है। किसी क्षेत्र में मलेरिया मरीज मिलने पर केवल उसी व्यक्ति का इलाज नहीं किया जाता, बल्कि उसके आसपास के करीब 50 घरों या लगभग 250 लोगों की जांच भी की जाती है। इससे छिपे हुए संक्रमित मरीजों की पहचान करने में मदद मिलती है। 

सर्वे में अब तक मिले 299 नए मरीज

मलेरिया नियंत्रण अभियान के तहत 15 जून से 15 जुलाई तक एमएमसी सर्वे चलाया जा रहा है। इस अभियान में अब तक 299 नए मलेरिया मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिले में 2 लाख 64 हजार 490 लोगों की जांच करने का है, ताकि संक्रमण को समय रहते रोका जा सके। 

स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क की अपील  

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और बुखार आने पर तुरंत मलेरिया की जांच कराएं। समय पर जांच और इलाज से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
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