भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करते हुए महिला एकल वर्ग के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। सिंधु ने पहले दौर के मुकाबले में थाईलैंड की खिलाड़ी पर सीधे गेम में जीत दर्ज कर अपनी चुनौती को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने यह मुकाबला 25-23, 21-16 से अपने नाम किया। विश्व बैडमिंटन कैलेंडर के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में शामिल इंडोनेशिया ओपन में सिंधु की यह जीत भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों के लिए उत्साहजनक खबर है। पिछले कुछ समय से लय हासिल करने की कोशिश कर रहीं सिंधु ने इस मुकाबले में अनुभव, संयम और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया।
सिंधु ने संभाली बाजी
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। पहले गेम में थाई खिलाड़ी ने सिंधु को कड़ी चुनौती दी और कई बार स्कोर बराबरी पर पहुंचा। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां देखने को मिलीं, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक बन गया। दबाव के क्षणों में सिंधु का अनुभव काम आया। उन्होंने महत्वपूर्ण अंक हासिल करते हुए पहला गेम 25-23 से अपने नाम किया। यह गेम पूरे मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। पहले गेम में मिली बढ़त के बाद सिंधु का आत्मविश्वास और मजबूत हो गया।
दूसरे गेम में आक्रामकता
पहले गेम की कड़ी चुनौती के बाद दूसरे गेम में सिंधु ने अधिक नियंत्रित और आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने शुरुआत से ही बढ़त बनानी शुरू कर दी और अपनी प्रतिद्वंद्वी को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया। सटीक स्मैश, बेहतरीन कोर्ट कवरेज और नेट के पास शानदार नियंत्रण के दम पर सिंधु ने लगातार अंक बटोरे। परिणामस्वरूप उन्होंने दूसरा गेम 21-16 से जीतकर मुकाबला सीधे गेम में समाप्त कर दिया।
अनुभव का मिला फायदा
इस मुकाबले में सिंधु की फिटनेस और मानसिक मजबूती साफ दिखाई दी। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रही भारतीय खिलाड़ी ने दबाव की परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखा। मैच के दौरान उन्होंने अनावश्यक गलतियों से बचते हुए हर अवसर का लाभ उठाया। यदि सिंधु इसी लय में खेलती रहीं तो वह टूर्नामेंट में लंबा सफर तय कर सकती हैं। इंडोनेशिया ओपन जैसे बड़े मंच पर शुरुआती दौर में जीत हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला होता है।
भारतीय बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट
इंडोनेशिया ओपन को बैडमिंटन विश्व महासंघ (BWF) के सबसे प्रतिष्ठित सुपर 1000 टूर्नामेंटों में गिना जाता है। दुनिया के लगभग सभी शीर्ष खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं। ऐसे में यहां एक-एक जीत का महत्व काफी बढ़ जाता है। भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी यह टूर्नामेंट आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सिंधु की जीत ने भारतीय अभियान को सकारात्मक शुरुआत दी है।
आज श्रीकांत और लक्ष्य सेन पर नजरें
इंडोनेशिया ओपन में आज भारत के पुरुष एकल वर्ग के दो प्रमुख खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत और लक्ष्य सेन भी अपने-अपने मुकाबलों में उतरेंगे। दोनों खिलाड़ी भारतीय बैडमिंटन की मजबूत उम्मीद माने जाते हैं। पूर्व विश्व नंबर एक किदांबी श्रीकांत ने अपने करियर में कई बड़े खिताब जीते हैं और बड़े खिलाड़ियों को हराने की क्षमता रखते हैं। हाल के महीनों में उन्होंने कुछ प्रभावशाली प्रदर्शन भी किए हैं। ऐसे में उनसे इंडोनेशिया ओपन में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। वहीं लक्ष्य सेन भी लगातार अंतरराष्ट्रीय सर्किट में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। तेज गति, आक्रामक खेल और शानदार फिटनेस के लिए पहचाने जाने वाले लक्ष्य इस टूर्नामेंट में भारत की प्रमुख उम्मीदों में शामिल हैं।
भारतीय
सिंधु की जीत के बाद भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। यदि श्रीकांत और लक्ष्य सेन भी अपने मुकाबले जीतने में सफल रहते हैं तो भारतीय चुनौती और मजबूत हो जाएगी। आने वाले दौर में प्रतिस्पर्धा और कठिन होने वाली है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की वर्तमान फॉर्म को देखते हुए उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल सभी की निगाहें पीवी सिंधु के अगले मुकाबले और भारतीय पुरुष खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।
क्वार्टर फाइनल सिंधु का लक्ष्य
दूसरे दौर में पहुंचने के बाद सिंधु की नजर अब क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर होगी। इंडोनेशिया ओपन में खिताब जीतने का सपना पूरा करने के लिए उन्हें आगामी मुकाबलों में दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। जिस आत्मविश्वास और लय के साथ उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत की है, उसे देखते हुए भारतीय प्रशंसकों को उनसे अच्छे प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है।
