Indian Railways: यात्रियों को मिलेगा साफ पीने का पानी, देशभर के स्टेशनों पर रेलवे का विशेष अभियान
Indian Railways: भारतीय रेलवे ने यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। इसके तहत स्टेशनों की पानी की टंकियों, फिल्टरेशन सिस्टम, वाटर बूथ, नल, हैंडपंप और बोरवेल की जांच व गहन सफाई की जाएगी।
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कीर्तिमान डेस्क | लक्ष्मी साहू
24 Aug 2026, 07:02 PM
नई दिल्ली
Indian Railways: रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध पानी का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने अहम कदम उठाया है। यात्रियों को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे ने देशभर में विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। इसके तहत पानी की टंकियों से लेकर फिल्टरेशन सिस्टम, वाटर बूथ, नल, हैंडपंप और बोरवेल तक पूरी पेयजल व्यवस्था की जांच की जाएगी।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, यह अभियान सिर्फ टंकियों की सामान्य सफाई तक सीमित नहीं रहेगा। पानी के स्रोत से लेकर यात्रियों के नल तक पहुंचने वाली पूरी व्यवस्था की जांच होगी। जहां भी कमी मिलेगी, उसे दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अभियान में किन-किन चीजों पर होगा फोकस ?
पानी की सभी टंकियां खाली कर साफ की जाएंगी
टंकियों में जमा गाद (Sludge) हटाई जाएगी
टंकियों को रगड़कर कीटाणु-मुक्त किया जाएगा
वाटर बूथ, नल और फिल्टरेशन सिस्टम की जांच होगी
हैंडपंप और बोरवेल के पानी पर विशेष नजर रहेगी
पानी को पक्षियों, जानवरों और काई से बचाने के इंतजाम होंगे
टंकियां खाली कर निकाली जाएगी गाद
टंकियां खाली कर होगी पूरी सफाई
अभियान के दौरान सभी जोनल रेलवे अपने क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की जांच करेंगे। जमीन के नीचे और ऊपर बनी पानी की टंकियों के साथ PVC टैंक भी अभियान के दायरे में आएंगे। टंकियों को पूरी तरह खाली करने के बाद उनमें जमा गाद निकाली जाएगी। अंदरूनी हिस्सों को रगड़कर साफ किया जाएगा और इसके बाद उन्हें कीटाणु-मुक्त किया जाएगा। सफाई के बाद टंकियों को सुरक्षित तरीके से बंद रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
वाटर बूथ और नलों तक होगी जांच
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के सीधे इस्तेमाल में आने वाले वाटर बूथ, नल और पानी निकालने वाले स्थानों की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा वाटर ट्रीटमेंट और फिल्टरेशन प्लांट की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
टंकियों के ढक्कन ठीक से बंद हैं या नहीं, इसकी जांच होगी। वेंट और ओवरफ्लो पॉइंट को पक्षियों और जानवरों से सुरक्षित रखने के उपाय किए जाएंगे। पानी की टंकियों में काई बनने से रोकने पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
हैंडपंप और बोरवेल वाले स्टेशनों पर खास नजर
रेल मंत्रालय ने उन स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं, जहां यात्रियों को पीने का पानी हैंडपंप या बोरवेल से मिलता है। रेलवे यह सुनिश्चित करेगा कि इन स्रोतों से निकलने वाला पानी गंदगी से मुक्त और पीने के लिए सुरक्षित हो। पानी के स्रोत और उससे जुड़ी व्यवस्था में किसी तरह की कमी सामने आने पर उसे दूर करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
CAG रिपोर्ट के बाद पेयजल व्यवस्था पर बढ़ा फोकस
हाल ही में सामने आई CAG की ऑडिट रिपोर्ट में रेलवे स्टेशनों पर पेयजल गुणवत्ता से जुड़ी कई कमियों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में कुछ स्टेशनों से लिए गए पानी के नमूनों में E. coli सहित बैक्टीरिया मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। करीब 20 हजार स्थानों पर ‘Tank to Tap’ फिल्टरेशन सिस्टम लगाने की योजना भी सामने आई है। अब शुरू किया गया विशेष सफाई अभियान रेलवे की व्यापक पेयजल गुणवत्ता प्रबंधन कार्ययोजना का हिस्सा है। इसके तहत सफाई और डिसइन्फेक्शन के साथ नियमित निरीक्षण, रखरखाव, पानी की गुणवत्ता की जांच और कमियां मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।
स्टेशनवार होगी कार्रवाई की निगरानी
रेलवे इस अभियान में केवल कमियां चिह्नित नहीं करेगा, बल्कि स्टेशनवार यह भी देखा जाएगा कि उन कमियों को दूर करने के लिए क्या कार्रवाई की गई। इस पूरी कवायद का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लगातार साफ, सुरक्षित और स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध कराना और पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश को कम करना है।