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Jhiram Valley Massacre NIA Court Verdict( Image Source: Keertiman Media)
Jhiram Valley Massacre NIA Court Verdict( Image Source: Keertiman Media)
जगदलपुर (बस्तर)

Jhiram Valley Massacre: 2013 के झीरम कांड पर अब आया बड़ा फैसला

Jhiram Valley Massacre: NIA कोर्ट ने 10 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले में 2013 में हुए हमले की साजिश, नक्सली संगठन की तैयारियों और आरोपियों की भूमिका से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। फैसले में 26/11 मुंबई हमले की नजीर का भी उल्लेख किया गया है।

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प्रकाशित: 18 Sep 2026, 05:26 PM · अपडेट: 29 Oct 2026, 10:45 AM · 4 मिनट पढ़ने का समय
जगदलपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Jhiram Valley Massacre: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA कोर्ट का फैसला सामने आ गया है। कोर्ट की जजमेंट कॉपी में 2013 में हुए इस हमले की साजिश, नक्सली संगठन की तैयारियों और घटना को अंजाम देने में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर कई अहम जानकारियां दर्ज हैं। अदालत ने मामले में 10 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अपने फैसले में कोर्ट ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले का भी उल्लेख किया है।

बैठक में तय हुई थी हमले की योजना

फरवरी 2013 में रची गई थी हमले की साजिश NIA कोर्ट के फैसले के अनुसार, झीरम घाटी हमले की योजना 25 फरवरी 2013 को साउथ रीजनल यूनिफाइड कमांड की बैठक में बनाई गई थी। इस बैठक में दरभा डिवीजन में बड़ी घटना को अंजाम देने का फैसला लिया गया था। 
जजमेंट में बताया गया है कि नक्सली नेताओं ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी बारसे देवा और सुरेंद्र को सौंपी थी। दोनों ने TCOC (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) के दौरान दरभा डिवीजन में बड़े हमले का प्रस्ताव रखा था।

हमले की तैयारी में जुटे थे 150 से ज्यादा नक्सली

वहीं एंबुश यानी घात लगाकर हमला करने के लिए स्थान चयन की जिम्मेदारी देवजी, गणेश उइके, बारसे देवा और सुरेंद्र को दी गई थी। इसके अलावा हथियार, रसद और अन्य जरूरी सामान जुटाने की जिम्मेदारी SZC श्याम और सुरेंद्र को सौंपी गई थी। जजमेंट के मुताबिक, इस हमले को अंजाम देने के लिए नक्सली नेताओं गणपति और रमन्ना की मंजूरी भी ली गई थी। 

150 से ज्यादा नक्सली थे शामिल

150 से ज्यादा नक्सलियों ने दिया था घटना को अंजाम अदालत के फैसले में बताया गया है कि झीरम घाटी हमले में बड़े नक्सली नेताओं के साथ करीब 150 से अधिक नक्सली शामिल थे। इनमें सुरेंद्र, बारसे देवा, जयलाल, विनोद और सोनाधार जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। 
घटना के दिन शामिल आरोपियों में प्रमिला, बंजामी सन्ना, आयता मड़काम, मुक्का माड़वी, मड़कामी देवा, चेतू लेकाम, कवासी कोसा, महादेव नाग, जोगा माड़कामी, सुमित्रा और कोसाराम के नाम सामने आए। इनमें से कवासी कोसा की मृत्यु हो चुकी है। 

आरोपियों ने लूटे थे जवानों के हथियार

NIA कोर्ट के फैसले में बताया गया है कि कुछ आरोपियों ने हमले के दौरान सुरक्षा बलों के हथियार लूटे थे।  प्रमिला, बंजामी सन्ना और महादेव नाग पर जवानों के हथियार लूटने की भूमिका बताई गई है। आरोपी चेतू लेकाम ने अपने बयान में बताया था कि घटना के दिन उसने और प्रमिला ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर गोलीबारी की थी। 

आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड सामने आए

चेतू ने अपनी इंसास राइफल से करीब 10 राउंड फायर करने की बात कही थी, जबकि प्रमिला ने भी अपने हथियार से गोली चलाने की बात स्वीकार की थी। जजमेंट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ आरोपियों ने हमले से पहले नक्सली बैठकों में हिस्सा लिया था और घटना के लिए राशन व अन्य सामग्री पहुंचाने का काम किया था। 
घटना के बाद हथियारों को कब्जे में लेने में भी उनकी भूमिका बताई गई है। पहले से दर्ज थे कई आपराधिक मामले फैसले के अनुसार, कुछ आरोपियों के खिलाफ झीरम घटना से पहले भी अपराध दर्ज थे। 

झीरम हमले की खौफनाक घटना

दरभा थाना क्षेत्र में मुक्का माड़वी, आयता मड़काम और कवासी कोसा के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की जानकारी NIA को सौंपी गई थी। 25 मई 2013 को हुआ था झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर झीरम घाटी में नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी। 
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