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माइक्रोसॉफ्ट में कर्मचारियों की छंटनी
माइक्रोसॉफ्ट में कर्मचारियों की छंटनी
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नौकरी पर चला कैंची : माइक्रोसॉफ्ट में 4,800 कर्मचारियों की हो रही छंटनी

दुनिया की जानी-मानी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने वर्कफोर्स में कटौती करने का निर्णय लिया है। कंपनी अपने कुल कर्मचारियों में से लगभग 2.1 फीसदी यानी करीब 4,800 लोगों की छंटनी करने जा रही है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कंपनी अपने कामकाज में सुधार लाने और भविष्य की नई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही है।

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प्रकाशित: 07 Jul 2026, 08:50 AM · अपडेट: 14 Sep 2026, 09:00 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 4,800 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 2.1 प्रतिशत है। कंपनी का कहना है कि कारोबार को अधिक प्रभावी बनाने और बढ़ते निवेश के बीच खर्च को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। पिछले कुछ समय से दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां लागत घटाने और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दे रही हैं। इसी कड़ी में माइक्रोसॉफ्ट का यह फैसला भी अहम माना जा रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब 2026 की पहली छमाही में कंपनी के शेयर करीब 23 प्रतिशत टूट चुके हैं। यह 2022 के बाद कंपनी के लिए साल के पहले 6 महीनों का सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते निवेश और खर्च का असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भी दिखाई दिया है।...

पहले भी कर्मचारियों को दिया था विकल्प

इससे पहले भी माइक्रोसॉफ्ट 2026 में अमेरिका में अपने करीब 7 प्रतिशत कर्मचारियों यानी लगभग 9,000 लोगों को स्वैच्छिक सेपरेशन का प्रस्ताव दे चुकी है। कंपनी हर साल जून में वित्त वर्ष पूरा होने के बाद नए बजट और कारोबारी जरूरतों के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा करती है।

दूसरी कंपनियां भी कर चुकी हैं छंटनी

टेक सेक्टर में इस साल छंटनी का दौर लगातार जारी है। अमेजन और मेटा जैसी कई बड़ी कंपनियां भी हजारों कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर चुकी हैं। बढ़ते निवेश और लागत पर नियंत्रण की वजह से कई कंपनियां अपने कार्यबल में बदलाव कर रही हैं।

क्लाउड कारोबार बना सहारा

हालांकि माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड कारोबार को लगातार मजबूती मिल रही है। कंपनी की क्लाउड सेवाओं की मांग बढ़ी है, लेकिन बड़े डेटा सेंटर तैयार करने और उनका संचालन करने में भारी खर्च भी हो रहा है। यही वजह है कि कंपनी अपने खर्च और संसाधनों का नया संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
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