टेनिस कोर्ट पर अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और जुझारूपन के लिए पहचाने जाने वाले राफेल नडाल ने अपने करियर के सबसे कठिन संघर्षों का खुलासा किया है। 22 ग्रैंडस्लैम विजेता स्पेनिश स्टार ने बताया कि उन्होंने वर्षों तक गंभीर दर्द, चोटों और शारीरिक परेशानियों के बावजूद खेलना जारी रखा। नडाल ने स्वीकार किया कि 2022 फ्रेंच ओपन जीतने के दौरान उन्हें दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन लेने पड़े थे, लेकिन टेनिस के प्रति उनका जुनून हर मुश्किल पर भारी पड़ा। 39 वर्ष की उम्र में किए गए इन खुलासों ने उनके शानदार करियर के पीछे छिपे संघर्ष और त्याग की कहानी को दुनिया के सामने ला दिया है।
दर्द, संघर्ष और जुनून
22 ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले स्पेनिश दिग्गज राफेल नडाल ने हाल ही में अपनी शारीरिक परेशानियों और मानसिक संघर्षों को लेकर खुलकर बात की है। नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री ‘Rafa’ और बीबीसी को दिए इंटरव्यू में नडाल ने स्वीकार किया कि उनका पूरा करियर लगभग दर्द के साथ ही बीता। नडाल ने कहा कि कई बार उन्हें अपने स्वास्थ्य और करियर के बीच कठिन फैसले लेने पड़े। उन्होंने माना कि यदि वह जोखिम नहीं उठाते तो शायद उनके खाते में 22 ग्रैंडस्लैम नहीं होते। उनका कहना था कि टेनिस के प्रति उनका जुनून और खेल से मिलने वाली खुशी दर्द से कहीं अधिक बड़ी थी।
19 साल की उम्र में गंभीर बीमारी
नडाल ने खुलासा किया कि 2005 में मैड्रिड ओपन के दौरान पैर में फ्रैक्चर होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ‘म्यूलर-वाईस सिंड्रोम’ नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बताया था। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें पैर की हड्डियों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और लगातार दर्द बना रहता है। उसी वर्ष उन्होंने पहली बार फ्रेंच ओपन जीतकर दुनिया को अपनी प्रतिभा दिखाई थी, लेकिन इसके बाद उनका पूरा करियर समय और शरीर के खिलाफ एक जंग बन गया।
2022 फ्रेंच ओपन फाइनल
नडाल का सबसे बड़ा खुलासा उनके 22वें ग्रैंडस्लैम खिताब को लेकर रहा। उन्होंने बताया कि 2022 में फ्रेंच ओपन के दौरान दर्द इतना बढ़ गया था कि उन्हें विशेष एनेस्थेटिक इंजेक्शन लेने पड़े थे। फाइनल मुकाबले में उनके पैर के एक हिस्से में लगभग कोई संवेदना नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने खिताब अपने नाम किया। यह वही टूर्नामेंट था जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 14वीं बार फ्रेंच ओपन ट्रॉफी जीती और अपने करियर का 22वां ग्रैंडस्लैम हासिल किया था।
दर्द की दवाओं ने बढ़ाई परेशानियां
नडाल ने बताया कि लगातार दर्द से राहत पाने के लिए लंबे समय तक दवाइयों और एंटी-इन्फ्लेमेटरी मेडिसिन का इस्तेमाल करना पड़ा। इसका असर उनके शरीर पर भी पड़ा। उन्हें घुटनों में टेंडिनाइटिस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा और दर्दनिवारक दवाओं के कारण आंतों से जुड़ी गंभीर दिक्कतें भी हुईं।
लगता था अब नहीं खेल पाऊंगा
नडाल ने कहा कि उनके मन में हमेशा यह सवाल रहता था कि उनका शरीर और कितने समय तक साथ देगा। उन्हें अक्सर लगता था कि शायद यह उनका आखिरी सीजन हो। यही सोच उन्हें लगातार खेलने और संघर्ष करने की प्रेरणा देती रही। उन्होंने कहा, “टेनिस मेरे लिए समय के खिलाफ दौड़ जैसा बन गया था। मुझे कभी नहीं पता था कि मैं और कितने समय तक खेल पाऊंगा।”
महानतम खिलाड़ियों में शामिल
राफेल नडाल को टेनिस इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। वह पुरुष एकल में 22 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके हैं। फ्रेंच ओपन में उनके नाम रिकॉर्ड 14 खिताब हैं, जिसके कारण उन्हें ‘किंग ऑफ क्ले’ भी कहा जाता है। वह टेनिस के प्रसिद्ध ‘बिग थ्री’—रोजर फेडरर, नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल—का हिस्सा रहे हैं।
