महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत भंवरपुर चौकी इलाके से एक सरकारी कर्मचारी के साथ अभद्रता, कार्य में बाधा डालने और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। धुपेनडीह गांव में उपभोक्ता के घर विद्युत मीटर की जांच करने पहुंचे बिजली विभाग के कनिष्ठ यंत्री (JE) और उनकी टीम पर एक युवक ने हमला करने का प्रयास किया। आरोपी ने न केवल इंजीनियर को फावड़ा उठाकर धमकाया, बल्कि सरकारी बिजली मीटर को भी फावड़े से मारकर तोड़ दिया। पीड़ित कनिष्ठ यंत्री की शिकायत पर भंवरपुर चौकी पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मीटर जांचने करने से मना करने पर बढ़ा विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) पिरदा वितरण केंद्र में पदस्थ कनिष्ठ यंत्री दुलेश्वर कुमार दीवान 18 जुलाई को अपनी टीम के साथ शासकीय कार्य से ग्राम धुपेनडीह गए थे। टीम में भंवरपुर के सहायक यंत्री राकेश कुमार बारिक और ठेकाकर्मी गनपत सिदार व दिनेश यादव शामिल थे। जब टीम गांव के एक उपभोक्ता (क्रमांक 100373809) के परिसर में लगे बिजली मीटर का परीक्षण कर रही थी, तभी गांव का ही रहने वाला जितेंद्र पटेल (पिता घनश्याम पटेल) वहां आ धमका। आरोपी ने जूनियर इंजीनियर को हाथ से रोकते हुए मीटर जांच करने से मना कर दिया। विवाद बढ़ते ही आरोपी जितेंद्र पटेल ने पास में रखा फावड़ा उठा लिया और हमला करने की नीयत से इंजीनियर की तरफ बढ़ा।
गुस्से में मीटर को किया क्षतिग्रस्त
स्थिति बिगड़ती देख कनिष्ठ यंत्री ने किसी तरह वहां से हटकर अपनी जान बचाई। जब आरोपी अधिकारी पर हमला नहीं कर पाया, तो उसने गुस्से में आकर फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर सरकारी विद्युत मीटर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। जाते-जाते आरोपी ने अधिकारियों को अंजाम भुगतने और "जो करना है कर लो" की धमकी भी दी। घटना के समय मौके पर मौजूद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने इस पूरी वारदात का वीडियो बना लिया था।जांच में जुटी पुलिस
कनिष्ठ यंत्री दुलेश्वर दीवान ने मामले की लिखित शिकायत और घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भंवरपुर चौकी पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपी जितेंद्र पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221 (शासकीय कार्य में बाधा), 326 (शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) और 351(2) (धमकी देना) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।