पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग संस्थान में बीते 2 जून को हुए हिंसक विवाद और उसके बाद उपजे घटनाक्रम पर प्रसिद्ध शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। एक हालिया यूट्यूब इंटरव्यू में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। खान सर ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस पूरे मामले में बिना किसी ठोस वजह के दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि इस विवाद या ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत में उनकी कोई भूमिका नहीं है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद ने खान सर पर आरोप लगाया था कि उनके द्वारा की गई कथित फायरिंग की झूठी बातों के डर से प्रिंस यादव नेपाल भाग गया था, जहां बाद में एक होटल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस पर पलटवार करते हुए खान सर ने कड़े शब्दों में पूछा कि क्या उन्होंने प्रिंस को नेपाल भेजा था या कमर में अवैध हथियार लेकर घूमने को कहा था? खान सर ने तथ्यों का हवाला देते हुए दावा किया कि मृतक प्रिंस यादव पर पहले से ही आर्म्स एक्ट और अपहरण (किडनैपिंग) समेत कम से कम पांच गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, जिसके डर से वह नेपाल में छिपा हुआ था।
मुसल्लहपुर हाट कोचिंग विवाद
इस पूरे मामले का संदर्भ 2 जून की रात से जुड़ा है, जब पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच भारी विवाद हुआ था। इस झड़प के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिन्हें बाद में अदालत से जमानत मिल गई। इसी घटना के बाद से रौशन आनंद का भाई प्रिंस यादव फरार चल रहा था, जिसकी बाद में पड़ोसी देश नेपाल के एक होटल में रहस्यमयी स्थिति में लाश मिली थी। इस घटनाक्रम ने पटना के शिक्षा बाजार में भारी हलचल पैदा कर दी थी।
अदालती सुरक्षा और कथित रिश्तेदारों के दावों की सच्चाई
कानूनी मोर्चे पर बात करें तो इस कोचिंग विवाद के बाद पुलिस ने खान सर के दो सुरक्षा गार्डों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में पटना की स्थानीय अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए खान सर समेत तीन लोगों को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी थी, जबकि दोनों गार्डों को नियमित जमानत मिल चुकी है। इसी इंटरव्यू के दौरान खान सर ने उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति द्वारा खुद को उनका असली चाचा बताए जाने के दावों पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यूपी का वह व्यक्ति उनका चाचा नहीं है और वह केवल लोकप्रियता पाने के लिए झूठे और मनगढ़ंत दावे कर रहा है।
कोचिंग हब पटना पर इस विवाद का असर
पटना का मुसल्लहपुर हाट इलाका देश का एक बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहां हर साल लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इस बड़े विवाद और देश के चर्चित शिक्षकों के बीच चल रही आपसी खींचतान का सीधा असर यहां पढ़ने वाले छात्रों की मानसिकता और स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है। अभिभावक भी अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, खान सर द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने और कानूनी राहत मिलने के बाद अब इस मामले में पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और कोर्ट की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
संक्षेप में, खान सर के इस नए बयान ने पटना कोचिंग विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है, जहां उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए आरोपों को राजनीति और साजिश का हिस्सा करार दिया है। इस संवेदनशील मामले में दोनों पक्षों के दावों और काउंटर दावों के बीच पुलिस प्रशासन की सघन जांच अभी भी जारी है। आने वाले समय में पुलिस डायरी और नेपाल पुलिस से मिलने वाले पोस्टमार्टम इनपुट के आधार पर इस केस में कई अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।