Labour Department: प्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में श्रम विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। गुरुवार को नवा रायपुर, अटल नगर में श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के शासकीय निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (बीओसी) एवं सिपेट रायपुर के बीच पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह उपस्थित रहे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 200 निर्माण श्रमिकों अथवा उनके बच्चों को 480 घंटे का आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्लास्टिक प्रोसेसिंग, इंजेक्शन मोल्डिंग एवं एक्सट्रूज़न जैसे तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
श्रमिक परिवारों को मिलेगा आत्मनिर्भरता का आधार
इस पहल का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ना है, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो सकें। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से श्रमिक परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।प्रमुख अधिकारियों ने निभाई सहभागिता
इस अवसर पर सिपेट रायपुर के प्रधान निदेशक डॉ. आलोक साहू, प्रशासनिक अधिकारी नितेश कुमार जैन, प्रबंधन तकनीकी रविंद्र रेड्डी तथा बीओसी के सचिव गिरीश रामटेके सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
