बेलिंघम का जादू : एक्स्ट्रा टाइम के रोमांच में नॉर्वे को हरा सेमीफाइनल में पहुंचा इंग्लैंड
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने नॉर्वे को रोमांचक मुकाबले में 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। जूड बेलिंघम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे, जिसमें एक्स्ट्रा टाइम का निर्णायक गोल शामिल रहा। वहीं, एरलिंग हालैंड के शानदार प्रदर्शन के बावजूद नॉर्वे का टूर्नामेंट से सफर खत्म हो गया।
क
कीर्तिमान न्यूज
12 Jul 2026, 08:45 AM
नई दिल्ली
फीफा वर्ल्ड कप 2026 से एक बेहद सनसनीखेज खबर आ रही है। क्वार्टर फाइनल के एक सांसे रोक देने वाले मुकाबले में इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। निर्धारित 90 मिनट के खेल तक दोनों ही टीमें 1-1 की बराबरी पर टिकी रहीं, जिसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में खिंचा।
आखिरकार, दबाव के इन नाजुक पलों में जूड बेलिंघम ने अपना दूसरा गोल दागकर इंग्लैंड को एक ऐसी जीत दिला दी, जिसे फैंस बरसों याद रखेंगे। भले ही नॉर्वे का सफर यहाँ थम गया हो, लेकिन इस पूरी प्रतियोगिता में उन्होंने कमाल का खेल दिखाया। खासकर एरलिंग हालैंड, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 7 गोल ठोककर खुद को सबसे खतरनाक स्ट्राइकर के रूप में साबित किया।
नॉर्वे की टीम आक्रामक मूड में
मगर कहते हैं ना कि बड़े मैचों में तजुर्बा ही काम आता है, और यहाँ इंग्लैंड के बड़े खिलाड़ियों का वही अनुभव नॉर्वे के जोश पर भारी पड़ गया। मैच की शुरुआत से ही नॉर्वे की टीम काफी आक्रामक मूड में दिखी। उन्होंने शुरुआती मिनटों से ही इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। इस आक्रामकता का फायदा उन्हें 36वें मिनट में मिला, जब एंड्रियास शेल्डरुप ने एक बेहद खूबसूरत फिनिशिंग के साथ गेंद को जाल में डाल दिया और नॉर्वे को 1-0 से आगे कर दिया।
इंग्लैंड फुटबॉल टीम जीत का जश्न मनाते हुएदूसरे हाफ में बदल गई कहानी
पहले हाफ में नॉर्वे का डिफेंस दीवार की तरह डटा रहा और उन्होंने इंग्लैंड के कई खतरनाक मूव्स को नाकाम किया। ऐसा लग रहा था कि नॉर्वे बढ़त के साथ ही हाफ टाइम में जाएगा, लेकिन ठीक पहले हाफ के इंजरी टाइम (45+2वें मिनट) में पासा पलट गया। एंथनी गॉर्डन ने एक बेहतरीन पास जूड बेलिंघम की तरफ बढ़ाया, और बेलिंघम ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट के अंदर भेजकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। दूसरे हाफ की कहानी बिल्कुल अलग थी।
2-1 की बढ़त अंत तक रही कायम
दोनों टीमें किसी भी हाल में बढ़त बनाने की फिराक में थीं। इंग्लैंड ने जहाँ पजेशन अपने पास रखकर धीमे-धीमे मौके बनाने चाहे, वहीं नॉर्वे ने बिजली की रफ्तार से काउंटर अटैक कर इंग्लैंड को चौंकाने की कोशिश की। दोनों ही टीमों के गोलकीपरों ने इस हाफ में कुछ हैरतअंगेज बचाव किए, जिसके चलते 90 मिनट तक कोई और गोल नहीं हो सका। इसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा, जहाँ सिर्फ दिमागी मजबूती और तजुर्बे की परीक्षा होनी थी। यहाँ इंग्लैंड बाजी मार ले गया। खेल के 93वें मिनट में जूड बेलिंघम ने एक बार फिर अपनी वर्ल्ड-क्लास फॉर्म का मुजाहिरा किया और एक शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 2-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी, जो अंत तक कायम रही।
आंकड़ों की जुबानी: कहाँ बाजी मार गया इंग्लैंड?
अगर मैच के स्टैट्स पर नजर डालें, तो इंग्लैंड का पलड़ा हर मोर्चे पर थोड़ा भारी रहा:
कुल शॉट्स: इंग्लैंड ने 14 शॉट लगाए (8 टारगेट पर), जबकि नॉर्वे ने 13 शॉट्स आज़माए (सिर्फ 5 टारगेट पर)।
बॉल पजेशन: इंग्लैंड के पास 53% समय गेंद रही।
पासिंग गेम: इंग्लैंड ने 91% की गजब की सटीकता के साथ कुल 606 पास पूरे किए।
नॉर्वे भले ही वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है, लेकिन उन्होंने जिस जज्बे के साथ फुटबॉल खेली है, उसने दुनिया भर के फैंस का दिल जीत लिया है। वहीं इंग्लैंड अब पूरे आत्मविश्वास के साथ सेमीफाइनल की चुनौती के लिए तैयार है।