महासमुंद तहसील कार्यालय बना नशे का अड्डा? परिसर में मिली शराब की बोतलें
महासमुंद तहसील कार्यालय परिसर में शराब और बीयर की खाली बोतलें, सिगरेट के पैकेट, पान मसाला के पाउच और डिस्पोजल का कचरा मिलने से सवाल उठ रहे हैं। परिसर के अंदर बाउंड्री वॉल से काफी दूर तक नशे से जुड़ा सामान पड़ा मिला। इससे सफाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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कीर्तिमान रिपोर्ट लक्ष्मी साहू
20 Aug 2026, 12:41 PM
महासमुंद
तहसील कार्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें, बीयर की शीशियां, सिगरेट के पैकेट, पान मसाला के पाउच और डिस्पोजल सामग्री बिखरी मिलने से कार्यालय की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिसर में कई जगह नशे से जुड़ा कचरा नजर आ रहा है।
परिसर में जगह-जगह बिखरी शराब की खाली शीशियां
तहसील कार्यालय के अंदर अलग-अलग स्थानों पर शराब और बीयर की खाली बोतलें पड़ी मिली हैं। इसके अलावा सिगरेट के पैकेट, पान मसाला के पाउच और अन्य कचरा भी परिसर में फैला हुआ है। तस्वीरों में यह स्थिति साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
जगह-जगह बिखरी शराब की खाली बोतलें
बाउंड्री वॉल से काफी अंदर तक मिला कचरा
मौके पर कुछ शराब की खाली शीशियां बाउंड्री वॉल के आसपास ही नहीं, बल्कि उससे काफी दूर परिसर के अंदर भी पड़ी मिलीं। इस वजह से सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी मात्रा में यह कचरा परिसर के भीतर कैसे पहुंचा।
हालांकि, केवल तस्वीरों के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि शराब का सेवन कार्यालय परिसर के अंदर ही किया गया। इसकी वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
सफाई और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल
तहसील कार्यालय एक महत्वपूर्ण सरकारी परिसर है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने काम से पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर शराब की खाली बोतलें और नशे से जुड़ा कचरा मिलना सफाई के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
अधिवक्ताओं और नोटरी की टेबल से 4 पंखे चोरी
महासमुंद तहसील कार्यालय परिसर में अव्यवस्था के बीच चोरी की घटनाएं भी सामने आई हैं। अधिवक्ताओं एवं नोटरी की टेबल से चार पंखे चोरी होने की जानकारी सामने आई है। इससे कार्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वही नोटरी एवं अधिवक्ताओ ने बताया की उनके टेबल पर बिजली एवं पंखे की पूरी व्यवस्था है जिसके कारण असामाजिक तत्वों को वहा बैठकर अय्याशी करने में पूरी सुविधा रहती है। इसके अलावा शराबखोर कचरे एवं शराब की बोतले आदि नोटरी के टेबल पर हि छोड़कर चले जाते है जिन्हें अक्सर नोटरी सुबह आने पर खुद साफ़ करते है।
रात में सुनसान रहता है पूरा तहसील कार्यालय
बताया जा रहा है कि तहसील कार्यालय में वर्तमान में कोई चपरासी नहीं है। रात के समय पूरा कार्यालय परिसर सुनसान रहता है। ऐसे में कार्यालय की निगरानी और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों और वहां आने वाले लोगों का कहना है कि रात में सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से चोरी जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
अब देखना होगा कि कार्यालय परिसर में शराब की बोतलें और अन्य नशे से जुड़ा सामान कैसे पहुंचा। क्या परिसर में किसी तरह की लापरवाही हुई या बाहर से कचरा फेंका गया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन की ओर से मामले को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।