बड़ी कार्रवाई : इंटर-स्टेट चोर गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, रायपुर से बरामद हुए चोरी के औजार
दुर्ग पुलिस ने इंटर-स्टेट चोर गिरोह के मुख्य आरोपी मोहम्मद नासिर हुसैन उर्फ आनस खान को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपी की निशानदेही पर रायपुर के मेकाहारा परिसर से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और एक स्कूटी बरामद की गई है।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह बंद मकानों और कॉलोनियों की रेकी कर सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
दुर्ग पुलिस ने इंटर-स्टेट चोर गिरोह के मुख्य आरोपी मोहम्मद नासिर हुसैन उर्फ आनस खान को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने गिरोह की कई वारदातों और चोरी की पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रायपुर के मेकाहारा परिसर से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और एक स्कूटी जब्त की है।
पुलिस के अनुसार यह वही आरोपी है जिसे दुर्ग पुलिस ने हाल ही में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और कई राज्यों में चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। गिरफ्तारी के बाद अब उससे लगातार पूछताछ जारी है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथी पहले बंद मकानों, फ्लैटों और आवासीय कॉलोनियों की रेकी करते थे। इसके बाद सुनसान समय देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। घरों में प्रवेश के लिए दरवाजों के ताले तोड़े जाते थे और अंदर पहुंचकर अलमारियों व लॉकरों को निशाना बनाया जाता था।
खास औजारों से खोलते थे ताले और लॉकर
आरोपी गैंग अलमारियों और लॉकरों को खोलने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए औजारों का इस्तेमाल करता था। पुलिस को जानकारी मिली है कि यह औजार चोरी को आसान और तेज बनाने के लिए खास तकनीक से बनाए गए थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार रायपुर के मेकाहारा परिसर की पार्किंग में खड़ी एक्टिवा की सीट के नीचे छिपाकर रखे गए थे। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी औजार बरामद कर लिए। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर जांच की। टीम के जवानों ने बकरा व्यापारी और जनगणना कर्मी बनकर भी जानकारी जुटाई, जिससे गिरोह के बारे में अहम सुराग मिले और गिरफ्तारी संभव हो सकी।
हथियार जैसे औजार किए गए बरामद
जब्त सामान में पाना, पेचकस, कटर, लोहे की रॉड और ताले तोड़ने वाले कई विशेष औजार शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ औजार आरोपियों ने लोहार से खासतौर पर अपनी जरूरत के अनुसार बनवाए थे।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक्टिवा (CG10 AG 4136) भी जब्त की है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रायपुर से इसी वाहन से दुर्ग-भिलाई आता था और चोरी के बाद वापस रायपुर लौट जाता था। मेकाहारा परिसर में वाहन खड़ा करने से पुलिस को उनकी गतिविधियों का पता नहीं चल पाता था।
कई राज्यों में फैला है आपराधिक रिकॉर्ड
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी का नेटवर्क केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था। उसने भोपाल, इंदौर, चंडीगढ़ और छिंदवाड़ा समेत कई शहरों में चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ भोपाल के गोविंदपुरा और कोहेफिजा थाना क्षेत्रों सहित क्राइम ब्रांच भोपाल में भी मामले दर्ज हैं। इसके अलावा इंदौर के पलासिया थाना और चंडीगढ़ के कई थानों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। दुर्ग पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े और कितने लोग सक्रिय हैं।