छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में 5 जून 2026 को रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र उरला में पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला समेत दो अंतरराज्यीय/स्थानीय ड्रग पैडलर्स को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की जड़ों को उखाड़ने में जुट गई है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) को 5 जून को एक विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पारधी पारा इलाके में कुछ संदिग्ध लोग भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखे हुए हैं और उसे खपाने के लिए ग्राहकों की तलाश में भटक रहे हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देश पर ACCU और उरला थाना पुलिस की एक संयुक्त 'स्पेशल टीम' का गठन किया गया।
घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
संयुक्त टीम ने बिना वक्त गंवाए मुखबिर के बताए पते (पारधी पारा) पर धावा बोल दिया। पुलिस की भनक लगते ही संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
मीना बघेल (स्थानीय निवासी)
रामखीलावन उर्फ राकेश चौधरी
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
जब पुलिस टीम ने दोनों संदेही आरोपियों की अमली जमा तलाशी ली, तो उनके पास से 260 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बाजार में इस जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 13,000 रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने तत्काल मादक पदार्थ को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
उरला थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 20(B) के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
कॉल डिटेल्स खंगाल रही साइबर सेल
ताजा अपडेट (Latest Update): पुलिस के उच्च अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई महज 260 ग्राम गांजे तक सीमित नहीं है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रायपुर में उन्हें यह गांजा कौन सप्लाई कर रहा था और उनके मुख्य खरीदार (Main Customers) कौन हैं।
पुलिस को अंदेशा है कि उरला के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों और युवाओं को निशाना बनाकर यह नेटवर्क चलाया जा रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है।
रायपुर पुलिस की अपील: यदि आपके आसपास भी नशे का अवैध कारोबार हो रहा है, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचना दें। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।