Mann Ki Baat: बागबाहरा शहर मंडल के बूथ क्रमांक 88 अंतर्गत ग्राम जुनवानी कला के कमार पारा में ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां एपिसोड सुना। कार्यक्रम के बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधारोपण किया गया।
इस मौके पर जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि ‘मन की बात’ सिर्फ प्रधानमंत्री और देशवासियों के बीच संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लोगों को सकारात्मक सोच के साथ समाज और राष्ट्र के लिए काम करने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति, स्वच्छता, जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भूमिका और राष्ट्रभक्ति जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री के संदेश समाज को आगे बढ़ने की दिशा देते हैं।
युवाओं को नशे से दूर रखना सामूहिक जिम्मेदारी
भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना आज बेहद जरूरी है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, खेल, संस्कार, कौशल विकास और राष्ट्रसेवा से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही नशामुक्ति और स्वच्छता जैसे अभियानों को प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलाव यह बताते हैं कि जब लोग किसी उद्देश्य के लिए मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो बदलाव संभव होता है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण
मन की बात के श्रवण के बाद ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधे लगाए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति को बचाने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली सुरक्षित रखने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में सरपंच नरेंद्र ठाकुर, उपसरपंच राधे साहू समेत गांव की मातृशक्ति, युवा और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।कमार जनजाति ने रखी बांस उपलब्ध कराने की मांग
कार्यक्रम के दौरान कमार पारा के ग्रामीणों ने अपनी पारंपरिक आजीविका को मजबूत करने के लिए बसोड़ योजना के तहत बांस उपलब्ध कराने की मांग जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर के सामने रखी। ग्रामीणों की मांग पर ठाकुर ने संबंधित विभाग के कर्मचारी से फोन पर चर्चा की और बांस उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की आजीविका, रोजगार और मूलभूत जरूरतों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जनप्रतिनिधि की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कमार समाज की पारंपरिक आजीविका को बढ़ावा मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
