छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ रही है। पिछले कुछ दिनों से सूरज के तीखे तेवर और उमस से परेशान प्रदेशवासियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, इस साल का दक्षिण-पश्चिम मानसून बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 48 से 72 घंटों के भीतर, यानी 23 जून के आसपास छत्तीसगढ़ में एंट्री कर सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) ओडिशा के कोरापुट और झारखंड के रांची से होकर गुजर रही है, जो छत्तीसगढ़ के बेहद करीब है।
आज कैसा रहेगा मौसम? इन जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने का अलर्ट
भले ही मानसून के कदम दो-तीन दिन दूर हों, लेकिन प्रदेश में 'प्री-मानसून' गतिविधियों ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने आज राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Alert) की चेतावनी जारी की है।
तेज हवाओं का दौर: प्रदेश के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं।
यहाँ हो सकती है बारिश: बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बेमेतरा, बलौदाबाजार, महासमुंद और दुर्ग संभाग के जिलों के साथ-साथ बस्तर संभाग (जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा) में आज शाम या रात को मौसम का मिजाज बदल सकता है और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
तापमान का हाल: बिलासपुर रहा सबसे गर्म
पिछले 24 घंटों की बात करें, तो राज्य में मिला-जुला मौसम देखने को मिला। जहां दक्षिण छत्तीसगढ़ में बादलों की आवाजाही से पारा थोड़ा गिरा है, वहीं मैदानी इलाकों में दोपहर के वक्त झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। पिछले 24 घंटों में बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.2°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजधानी रायपुर में भी पारा 41 डिग्री के आसपास बना रहा। हालांकि, पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.2°C दर्ज होने से रातें थोड़ी खुशनुमा बनी हुई हैं।
किसानों के खिले चेहरे, खेती-किसानी की तैयारियां तेज
मानसून की इस नई और सकारात्मक रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जून के आखिरी हफ्ते में होने वाली यह बारिश खरीफ फसलों की बोनी के लिए बेहद मुफीद साबित होगी। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि अगले दो दिनों में तेज हवाओं और बिजली चमकने के दौरान लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।