छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थाना क्षेत्र स्थित खरवे गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान हुई 8 संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर लोगों को पिलाया, जिसके कारण एक-एक कर कई लोगों की मौत हो गई। मामले ने तूल पकड़ने के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम खरवे गांव पहुंची। यहां 14 मई को मृत हुए मेहतरू साहू के शव को कब्र से बाहर निकालने के लिए खुदाई कराई गई। जेसीबी मशीन की मदद से कब्र खोदकर शव निकाला गया और आवश्यक जैविक नमूने एकत्रित कर फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
ग्रामीणों ने लगाया जहरीली शराब पिलाने का आरोप
मृतकों की सूची ने बढ़ाई चिंता
ग्रामीणों के अनुसार संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वालों में बद्री पटेल, बुटालु साहू, छत्तूराम साहू, बुदलू जायसवाल, विनोद साहू, गजानन मांझी, चैतु साहू और मेहतरू साहू शामिल हैं। इनमें अधिकांश मृतकों की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। लगातार एक ही गांव में इतनी मौतों ने ग्रामीणों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
गांव में एक और सनसनीखेज चर्चा भी सामने आई है। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि आरोपी रूप से जमीन में गड़े खजाने (हंडा) को प्राप्त करने के लिए लोगों की बलि दे रहा था। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने इस तरह की बातों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है तथा किसी भी अफवाह को सत्य नहीं माना जा सकता।
कौशल किशोर वासनिक SDOP, कसडोल का कहना है कि पीड़ितों के शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। मामले में मर्ग भी कायम कर लिया गया है। जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कहा- हर पहलू की होगी जांच
कसडोल एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। ग्रामीणों के आरोपों, मृतकों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड, शराब सेवन की परिस्थितियों और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौतें जहरीले पदार्थ, बीमारी, शराब या किसी अन्य कारण से हुई हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी साजिश के तहत लोगों की जान ली गई है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता से की जाएगी।
गरियाबंद में भी दोहरी हत्या से सनसनी
इधर, छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से भी एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पारिवारिक विवाद के चलते भाई-भतीजों ने मिलकर अपने ही चाचा और चाची की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार के सदस्यों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
