MCX Market: कारोबारी सप्ताह के पहले दिन, 19 अक्टूबर को साने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, अंतराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू कमोडिटी बाजार (MCX) पर सोना-चांदी के भाव में बढ़त दर्ज की गई। भारत में साने के आयात में लगातार दुसरे महीने तक गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुबह सोन-चांदी में तेजी रही, सोने का भाव 0.45 प्रतिशत बढ़कर वैश्विक बाजार में आई इस तेजी का असर घरेलू बाजार में भी देखी गई
घरेलू बाजार में साेना एक लाख 48 हजार के पार
भारतीय बाजार में भी कारोबारी की शुरूआत सोने-चांदी की कीमतों के बढ़त के साथ हुई, बाजार खुलते ही सोन की कीमत एक लाख 48 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंंच गई हालांकि, अलग-अलग एक्सचेंजाे, शहरों और सर्राफा बाजार बाजार में किमतों में अंतर होने की संभावना बनी रहेगी।
(MCX) पर सोन-चांदी का ताजा भाव
मल्टी कमाेडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर से सोने की कीमतों में 500 रुपए की तेजी दर्ज की गई, इसके साथ ही सोना एक लाख 48 हजार 397 प्रति 10 ग्राम कारोबार करता नजर आया। चांदी की कीमत 1 हजार 500 रुपए की बढ़त के साथ दो लाख 12 हजार 595 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंच गया, वायदा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों उतार-चढ़ाव पर निवेशकों और कारोबारियों की नजर बनी रहेगी।
24, 22 और 18 कैरेट वाले साने का भाव कितना है
सोने की शुद्धता के अनुसार भाव जानना जरूरी है,उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट साने की कीमत एक लाख 48 हजार 290 रुपए प्रति 10 ग्राम रही। दुसरी ओर सोने का भाव एक लाख 35 हजार 933 रूपए 10 कैरेट सोने की कीमत एक लाख 11 हजार 218 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज गई, बुलियन बाजार में चांदी का भाव दो लाख 11 हजार 900 प्रति किलाेग्राम रहा।सोना-चांदी के दाम बढ़ने का 5 प्रमुख कारण
अमेरिकी डॉलर में कमजोर होने के कारण अंतरराष्ट्र्रीय बाजार अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना खरीदना अपेक्षाकृत रास्ता हो जाता है।
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: सोने से नियमित ब्याज नही मिलता, ऐसे में बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कम होने पर सोने में निवेश की आकर्षकता बढ़ सकती है।
- त्योहारी मांग: नवरात्रि धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के मौसम में साेने-चांदी के आभूषणों और सिक्को की मांग बढ़ सकती है।
- रुपए और डॉलर की विनिमय दर: भारत सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के साथ यदि रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो घरेलू बाजार में सोना-चांदी और महंगे हो सकते है







