देश में परीक्षाओं में हो रही धांधलियों और पेपर लीक विवाद ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 6 जून को अमेरिका से भारत लौटने का ऐलान किया है। भारत आने से ठीक पहले उन्होंने अपने समर्थकों को एक भावुक और कड़ा संदेश भेजा है—'मुझसे एयरपोर्ट पर मिलो'। दीपके ने दावा किया है कि देश की धरती पर कदम रखते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा है। उन्होंने NEET पेपर लीक, CUET, CBSE और SSC GD जैसी प्रमुख भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में आई विसंगतियों को लेकर शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
आंदोलन की रूपरेखा:
तारीख और आगमन: 6 जून को अभिजीत दीपके अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे।
पैदल मार्च: एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वे सीधे पैदल चलकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे।
औपचारिक अनुमति: पुलिस स्टेशन में वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की लिखित और औपचारिक अनुमति मांगेंगे।
अहिंसक विरोध: दीपके ने साफ किया है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह से 'अहिंसक और संवैधानिक' होगा।
"यह मुद्दा किसी एक परीक्षा या कुछ हजार छात्रों का नहीं है। इन विवादों ने देश के 1 करोड़ से ज्यादा छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। हमारा लंबा लक्ष्य सरकार के भीतर जवाबदेही तय करना है।" — अभिजीत दीपके, संस्थापक (CJP)
'जान से मारने की धमकियां मिलीं, पर मैं पीछे नहीं हटूंगा'
'द टाइम्स ऑफ इंडिया' (TOI) से अमेरिका में बातचीत करते हुए दीपके ने अपने हौसले बुलंद रखे। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपनी सुरक्षा या परिवार की चिंता है, तो उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब दिया।
धमकियों और फंडिंग के आरोपों पर दीपके का रुख:
| मुद्दा | दीपके का रुख/जवाब |
| गिरफ्तारी का डर | मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे लौटने के कुछ गंभीर परिणाम (गिरफ्तारी) हो सकते हैं, लेकिन मैं आशावादी हूं। |
| जान से मारने की धमकियां | पिछले कुछ दिनों में मुझे हर तरह की जान से मारने की धमकियां मिली हैं, लेकिन मैं विचलित नहीं हूं। |
| फंडिंग के आरोप | विदेशी या संदिग्ध फंडिंग के आरोपों में कोई दम नहीं है। मैंने केवल सरकार से जायज सवाल पूछे हैं। |
| Gen Z क्रांति का दावा | आलोचकों का कहना है कि मैं बांग्लादेश या नेपाल जैसी 'Gen Z' (युवा पीढ़ी) क्रांति की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मेरा मकसद सिर्फ छात्रों को न्याय दिलाना है। |
युवाओं और छात्रों का मिल रहा है भारी समर्थन
अभिजीत दीपके की इस कॉल के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं और प्रभावित छात्रों का उन्हें भारी समर्थन मिल रहा है। कई छात्र संगठनों और नागरिक समाज के लोगों ने 6 जून को एयरपोर्ट और जंतर-मंतर पर पहुंचने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि 6 जून को दिल्ली पुलिस का इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख रहता है और क्या दीपके को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मिलती है या उन्हें एयरपोर्ट से ही हिरासत में ले लिया जाता है।
