वर्ष 1976 से पहले की रजिस्ट्री से जुड़े अभिलेखों को रायपुर से महासमुंद वापस लाने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस के जिला महामंत्री गिरीश पटेल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि महासमुंद जिले से संबंधित पुराने रजिस्ट्री रिकॉर्ड को रायपुर से वापस लाकर जिला रजिस्ट्री कार्यालय में सुरक्षित रखा जाए, ताकि लोगों को आवश्यक दस्तावेज अपने ही जिले में उपलब्ध हो सकें।
चक्कर लगाने को मजबूर लोग
ज्ञापन में बताया गया है कि महासमुंद जिला बनने के बावजूद वर्ष 1976 से पहले के सभी रजिस्ट्री अभिलेख आज भी रायपुर के रिकॉर्ड रूम में रखे हुए हैं। ऐसे में पुराने दस्तावेजों की जरूरत पड़ने पर लोगों को रायपुर जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों का अतिरिक्त खर्च होता है, वहीं जरूरी रिकॉर्ड प्राप्त करने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुराने रिकॉर्ड के लिए बढ़ रहा आर्थिक बोझ
गिरीश पटेल ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि पुराने रजिस्ट्री रिकॉर्ड निकलवाने की प्रक्रिया में लोगों को कई बार हजारों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। उनका कहना है कि यदि ये रिकॉर्ड महासमुंद में उपलब्ध हो जाएं तो नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
जनसुविधा को देखते हुए रिकॉर्ड स्थानांतरित करने की मांग
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी महासमुंद जिले का पुराना रजिस्ट्री रिकॉर्ड वापस नहीं लाया गया है। इसलिए जनहित और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रायपुर में सुरक्षित सभी पुराने रजिस्ट्री अभिलेखों को महासमुंद जिला रजिस्ट्री कार्यालय में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
इस संबंध में सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, खल्लारी विधायक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव तथा संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि इस मांग पर जल्द उचित कार्रवाई की जा सके।