भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एरिना कैपिटल कंपनी के जरिए छत्तीसगढ़ के करीब 1000 से 1500 लोगों से निवेश के नाम पर लगभग 1000 करोड़ रुपए की ठगी की गई। मामले में कई निवेशकों ने पुलिस से शिकायत की है, जिसके बाद सुपेला थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में निवेशकों ने बुधवार को मुख्य आरोपी योगेश साहू को कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था, जिसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में निवेशक वहां पहुंच गए। बाद में उसे कोतवाली ले जाया गया, जहां से सुपेला थाना क्षेत्र का मामला होने के कारण पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।कायतकर्ता और रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी राजू नामदेव ने सुपेला थाना प्रभारी को दी शिकायत में बताया कि कंपनी से जुड़े लोगों ने निवेशकों को हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा देने और कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया था।
निवेश योजना दिखाकर जीता भरोसा
आरोपियों का कार्यालय सुपेला के स्मृति नगर क्षेत्र में संचालित होने की बात कही गई है। राजू नामदेव के अनुसार, वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और निवेश की ऐसी योजना बताई, जिसमें कम समय में अधिक रिटर्न मिलने का दावा किया गया। विश्वास जीतने के लिए कुछ निवेशकों के मुनाफे के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। इसके बाद उन्होंने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपए योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर किए। शुरुआत में कुछ समय तक सब कुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन पिछले करीब 9 से 10 महीनों से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई।कई लोगों से करोड़ों रुपए लेने का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि कई बार संपर्क करने के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता रहा। शिकायत में बताया गया है कि इस निवेश योजना में कई अन्य लोगों ने भी बड़ी रकम लगाई थी। आरोप है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपए, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख रुपए तथा अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपए निवेश के नाम पर लिए गए। इसके अलावा भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
पुलिस के अनुसार, आने वाले समय में अन्य पीड़ित भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आरोपी और सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज सुपेला पुलिस ने एरिना कैपिटल के संचालक योगेश साहू सहित मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू और अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि योगेश साहू के खिलाफ पहले भी सुपेला और स्मृति नगर थाने में मामले दर्ज हो चुके हैं।
दूसरे शिकायतकर्ता ने भी लगाए गंभीर आरोप
दोनों मामलों में उसे जमानत मिल चुकी थी। इस मामले में शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात आरोपियों से एक रेस्टोरेंट में हुई थी, जहां उन्हें गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का प्लान बताया गया। विवेक सिंह के अनुसार, उन्हें हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ और कुछ समय में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनके पिता ने अलग-अलग समय पर करीब 46 लाख रुपए निवेश किए, जबकि खुद करीब 74 लाख रुपए ट्रांसफर किए। परिचितों के जरिए उनका कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गया।पुलिस ने शुरू की जांच
उन्होंने दावा किया कि इस योजना में पूरे छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं और ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की गहन जांच कर निवेशकों की रकम वापस दिलाने की मांग की है। फिलहाल सुपेला पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस बैंक खातों के लेन-देन, निवेश से जुड़े दस्तावेज और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित निवेश योजना से कितने लोग प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ है।