लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर बसना जनपद के मनरेगा कर्मचारियों ने 02 जुलाई गुरुवार से तीन दिवसीय चरणबद्ध हड़ताल शुरू कर दी। छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ, ब्लॉक इकाई बसना के पदाधिकारियों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीयूष सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की सूचना दी।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा। महासंघ के अनुसार 2 एवं 3 जुलाई को जिला और जनपद स्तर पर हड़ताल जारी रहेगी, जबकि 4 जुलाई को राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन एवं विशाल रैली आयोजित की जाएगी।
नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा प्रमुख मांग
आंदोलन का उद्देश्य वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मांगों की ओर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने अपनी प्रमुख मांगों में मनरेगा एवं वीबीजी-रामजी के समस्त कर्मचारियों का नियमितीकरण, नियमितीकरण तक मानव संसाधन एचआर पॉलिसी लागू कर सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा ग्राम रोजगार सहायकों को संविदा कर्मचारी का दर्जा देते हुए ग्रेड-पे निर्धारित करने की मांग उठाई है। महासंघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमचंद बंजारे ने कहा कि मनरेगा कर्मचारी पिछले करीब 20 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना के सफल संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मजदूरों का पंजीयन, रोजगार उपलब्ध कराना, कार्यों की निगरानी, भुगतान प्रक्रिया और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद आज तक कर्मचारियों को स्थायी सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन व्यवस्था नहीं मिल सकी है।सरकार से जल्द निर्णय की मांग
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें कई वर्षों से शासन के समक्ष लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ऐसे में चरणबद्ध आंदोलन कर्मचारियों की मजबूरी बन गया है। यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रेमचंद बंजारे, गुणसागर, पवन सिदार, आशा यादव, मंजू, पूजा बंजारे, अंकित यदु, तामेश सहित बसना जनपद के बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मचारी उपस्थित रहे।