मध्य प्रदेश के झाबुआ शहर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक नाबालिग लड़का शहर की सड़क पर तीन पहिया बाइक चलाता दिखाई दे रहा है। वाहन पर उसके साथ एक नाबालिग लड़की भी बैठी हुई है। दोनों बिना किसी विशेष सुरक्षा इंतजाम के सड़क पर सफर करते नजर आ रहे हैं। जिस तरह से नाबालिग वाहन चला रहा है, उसे देखकर लोग हैरानी जता रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
परिस्थितियों ने बना दिया जिम्मेदार
जानकारी के अनुसार, वाहन चला रहा नाबालिग आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि उसके माता-पिता दोनों दिव्यांग हैं और परिवार का गुजारा एक छोटी-सी दुकान के सहारे चलता है। घर की जिम्मेदारियों में यह बच्चा भी माता-पिता का हाथ बंटाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार की मजबूरी के कारण कई बार बच्चे को खुद ही वाहन चलाकर जरूरी कामों के लिए बाहर जाना पड़ता है।
हादसे के रूप में सामने आ सकता है
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिगों के पास न तो वाहन चलाने का कानूनी अधिकार होता है और न ही सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग का पर्याप्त अनुभव। ऐसे में किसी भी समय संतुलन बिगड़ने, अचानक ब्रेक लगाने या ट्रैफिक की स्थिति को समझने में गलती हो सकती है। इसका परिणाम गंभीर सड़क हादसे के रूप में सामने आ सकता है। इस तरह की घटनाओं में केवल वाहन चला रहे बच्चे की जान ही खतरे में नहीं होती, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालक, पैदल यात्री और राहगीर भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडिया
नाबालिगों के वाहन चलाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने छेड़ी नई बहस नाबालिग के वाहन चलाने का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग बच्चे की पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए सहानुभूति जता रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि मजबूरी के बावजूद बच्चों को सड़क पर वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनका मानना है कि ऐसी घटनाओं को समय रहते रोकना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।